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Perfect Husband ka Jaal

Bindi Sinha apne husband Aarav Mehra ko perfect samajhti thi. Ek din use pata chala ki Aarav ka affair hai aur woh Bindi ko paagal dikhane ka plan bana raha hai — medicines dekar, band karke. Bindi apni jaan bachane ke liye Aarav ki girlfriend Neha Rao ke saath milti hai. Saath mein woh Aarav ke bure raaz dhundhti hain. Phir Bindi ko sach pata chalta hai — jo pyaar mila, woh sach nahi tha. Woh badla tha. Ab Bindi kaise bachegi? Kya woh Aarav ki chaal se bahar aa paayegi?
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इस एपिसोड की समीक्षा

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अस्पताल का सस्पेंस

अस्पताल का वो सीन देखकर रोंगटे खड़े हो गए। पति का व्यवहार कितना संदिग्ध लग रहा था जब वह फोन पर बात कर रहा था। घायल पत्नी की आंखों में डर साफ दिख रहा था। परफेक्ट हसबैंड का जाल में ऐसा लगता है कि सब कुछ प्लान किया गया है। नर्स की चुप्पी भी कुछ कहानी कह रही है। बहुत ही सस्पेंस से भरा हुआ पल था।

कहानी में गहराई

शुरुआत में लगा कि वह मदद कर रहा है, पर बाद में सब बदल गया। अंधेरे कमरे में वह पत्नी अकेली बैठी थी और वह व्यक्ति ऊपर खड़ा था। परफेक्ट हसबैंड का जाल की कहानी में गहराई है। क्या वह सच में उसका पति है या कोई अन्य? माथे पर चोट और फिर वो डरावना माहौल। देखने वाले को सोचने पर मजबूर कर देता है।

लाजवाब एक्टिंग

एक्टिंग बहुत ही लाजवाब है खासकर पत्नी के चेहरे के भाव। जब उसने ट्रे से कुछ उठाया तो लगा कुछ बड़ा होने वाला है। परफेक्ट हसबैंड का जाल में हर सीन में टेंशन बनी रहती है। अस्पताल से लेकर उस अंधेरी जगह तक का सफर बहुत तेज था। मुझे यह थ्रिलर बहुत पसंद आ रहा है।

रोशनी का खेल

रोशनी और अंधेरे का खेल इस शो में कमाल का है। नीली रोशनी वाले कमरे में जो हुआ वह हैरान करने वाला था। परफेक्ट हसबैंड का जाल सिर्फ एक ड्रामा नहीं बल्कि एक पहेली है। पति का मुस्कुराना भी अब डरावना लगने लगा है। किरदारों के बीच की केमिस्ट्री बहुत गहरी है।

नर्स का रोल

नर्स का किरदार भी बहुत महत्वपूर्ण लग रहा है इस कहानी में। वह सब देख रही थी पर चुप रही। परफेक्ट हसबैंड का जाल में हर छोटा किरदार मायने रखता है। घायल अवस्था में भी पत्नी की हिम्मत देखने लायक थी। आगे क्या होगा यह जानने की उत्सुकता बढ़ गई है।

फोन वाली साजिश

फोन वाली बातचीत ने सब कुछ बदल दिया। ऐसा लगा जैसे कोई साजिश रची जा रही हो। परफेक्ट हसबैंड का जाल में धोखे की परतें बहुत हैं। पति का सहारा देना और फिर वही खतरा बन जाना। यह विरोधाभास बहुत अच्छे से दिखाया गया है। दर्शक को बांधे रखने की ताकत है इसमें।

किरदारों की बुनावट

कपड़ों का चयन भी किरदारों को परिभाषित करता है। नीली शर्ट वाला पति कितना शांत पर खतरनाक लग रहा था। परफेक्ट हसबैंड का जाल की प्रोडक्शन क्वालिटी बहुत अच्छी है। हर फ्रेम में एक कहानी छिपी हुई है। मुझे यह साइकोलॉजिकल थ्रिलर बहुत पसंद आया।

कहानी में मोड़

अस्पताल से बाहर निकलते ही कहानी में मोड़ आ गया। कार के पास का सीन बहुत ही सस्पेंसफुल था। परफेक्ट हसबैंड का जाल में क्लाइमेक्स की उम्मीद बढ़ गई है। पत्नी की हालत देखकर दिल दहल गया। क्या वह बच पाएगी या फंस जाएगी? यही सवाल है।

खामोशी का शोर

डायलॉग्स कम थे पर आंखों की बातें बहुत थीं। बिना बोले ही सब कुछ समझ आ गया। परफेक्ट हसबैंड का जाल में खामोशी भी शोर मचाती है। वह व्यक्ति जब झुका तो लगा कुछ गड़बड़ है। ऐसे सीन बार बार देखने को मन करता है।

कुल मिलाकर शानदार

कुल मिलाकर यह शो बहुत ही रोमांचक है। हर एपिसोड में नया खुलासा होता है। परफेक्ट हसबैंड का जाल ने मेरी उम्मीदों से ज्यादा कर दिया। अगर आप मिस्ट्री पसंद करते हैं तो यह जरूर देखें। कहानी की बुनावट बहुत मजबूत है।