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आपदाएँ बरसीं, सिस्टम से पाई राहवां14एपिसोड

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आपदाएँ बरसीं, सिस्टम से पाई राह

अंजलि एक प्राचीन आपदा प्रणाली में जाकर एक पाँच साल की बालिका के शरीर में समा जाती है। उसका कार्य है—टिड्डी दल, शीत लहर, महामारी, अकाल जैसी भीषण आपदाओं से अपने परिवार को बचाना। अंत तक जीवित रहने पर वह असली दुनिया में लौट सकती है और सौ अरब जीत सकती है। रास्ते में उसे लोगों के अविश्वास, विरोध और आपदाओं से पैदा मानवीय संकटों का भी सामना करना पड़ता है। अंततः अपनी बुद्धि और सिस्टम के इनामों से वह पूरे गाँव को बचाकर नेता बन जाती है। जब लौटने का समय आता है, तो सिस्टम में
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इस एपिसोड की समीक्षा

बर्फ की शक्ति और परिवार का डर

जब वो बूढ़ा आदमी बर्फ में जम गया तो मेरी सांसें रुक गईं! फिर छोटी लड़की की मासूम आँखों में डर और हैरानी देखकर दिल दहल गया। आपदाएँ बरसीं, सिस्टम से पाई राह में ऐसे मोड़ आते हैं जो सोचा नहीं था। रात के खाने पर सबकी चुप्पी और खिड़की से झांकते चेहरे—हर फ्रेम में तनाव था। बुजुर्ग महिला की लाठी पकड़े हाथ और युवक की गंभीर मुद्रा कहती है कि कुछ बड़ा होने वाला है। नेटशॉर्ट पर ऐसे ड्रामे देखना असली मज़ा है!

बर्फ की शक्ति और परिवार का डर

जब वो बूढ़ा आदमी बर्फ में जम गया तो सच में रोंगटे खड़े हो गए! उसकी चीखें सुनकर लग रहा था जैसे असली दर्द हो रहा हो। फिर वो छोटी बच्ची इतनी शांत खड़ी थी, मानो सब कुछ पहले से जानती हो। घर के अंदर का माहौल और भी डरावना था, सबके चेहरे पर डर साफ दिख रहा था। खिड़की से झांकते हुए वो जोड़े सच में अजीब लग रहे थे, जैसे कोई भूत हो। आपदाएँ बरसीं, सिस्टम से पाई राह में ऐसे मोड़ उम्मीद से ज्यादा थे। नेटशॉर्ट ऐप पर देखने का मजा ही अलग है, हर पल नया सस्पेंस मिलता है।