इस दृश्य में तनाव और हास्य का अनोखा मिश्रण है। एक छोटी बच्ची, जो डरी हुई लगती है, असल में स्थिति को संभाल रही है। बांस की छड़ी का उपयोग करके वह दोनों आदमियों को हैरान कर देती है। यह दृश्य आपको आपदाएँ बरसीं, सिस्टम से पाई राह की याद दिलाता है, जहाँ छोटे पात्र बड़ी भूमिका निभाते हैं। अभिनय इतना जीवंत है कि आप भी उस कमरे में मौजूद महसूस करेंगे।
इस दृश्य में तनाव और हास्य का अनोखा मिश्रण है। वह छोटी बच्ची जो शुरू में डरी हुई लगती है, अचानक बांस की छड़ी उठाकर स्थिति को संभाल लेती है। उसके चेहरे के भाव और आँखों की चमक बताती हैं कि वह सिर्फ दर्शक नहीं, बल्कि खेल की नायक है। जब वह बांस से हमला करती है, तो दर्शक भी चौंक जाते हैं। आपदाएँ बरसीं, सिस्टम से पाई राह में ऐसे मोड़ ही कहानी को जीवंत बनाते हैं। अभिनय इतना प्राकृतिक है कि लगता है सब कुछ वास्तविक हो रहा हो।