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आपदाएँ बरसीं, सिस्टम से पाई राहवां54एपिसोड

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आपदाएँ बरसीं, सिस्टम से पाई राह

अंजलि एक प्राचीन आपदा प्रणाली में जाकर एक पाँच साल की बालिका के शरीर में समा जाती है। उसका कार्य है—टिड्डी दल, शीत लहर, महामारी, अकाल जैसी भीषण आपदाओं से अपने परिवार को बचाना। अंत तक जीवित रहने पर वह असली दुनिया में लौट सकती है और सौ अरब जीत सकती है। रास्ते में उसे लोगों के अविश्वास, विरोध और आपदाओं से पैदा मानवीय संकटों का भी सामना करना पड़ता है। अंततः अपनी बुद्धि और सिस्टम के इनामों से वह पूरे गाँव को बचाकर नेता बन जाती है। जब लौटने का समय आता है, तो सिस्टम में
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इस एपिसोड की समीक्षा

खेतों में छिपा खतरा और परिवार की चिंता

इस दृश्य में तनाव साफ महसूस होता है जब एक अजीब व्यक्ति खेतों में छिपा होता है और सबको डराता है। बच्ची का डर और बुजुर्ग महिला की चिंता दिल को छू लेती है। आपदाएँ बरसीं, सिस्टम से पाई राह जैसे पलों में परिवार का साथ सबसे बड़ी ताकत बन जाता है। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे इमोशनल सीन्स देखना बहुत अच्छा लगता है।

खेत में छिपा वो शख्स कौन था

बांस के जंगल में बैठे परिवार की चिंता साफ दिख रही थी, खासकर जब वो लड़की उदास हो गई। अचानक खेत से एक अजीब आदमी निकला जिसके चेहरे पर मिट्टी लगी थी और वो कुछ इशारे कर रहा था। सबकी नजरें उस पर टिक गईं, जैसे कोई रहस्य खुलने वाला हो। आपदाएँ बरसीं, सिस्टम से पाई राह वाली कहानी में ऐसा मोड़ उम्मीद नहीं था। बूढ़ी दादी का डर और युवक की गंभीरता देख लगता है आगे कुछ बड़ा होने वाला है। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे सीन देखना मजेदार लगता है।