PreviousLater
Close

आपदाएँ बरसीं, सिस्टम से पाई राहवां29एपिसोड

like2.1Kchase1.5K

आपदाएँ बरसीं, सिस्टम से पाई राह

अंजलि एक प्राचीन आपदा प्रणाली में जाकर एक पाँच साल की बालिका के शरीर में समा जाती है। उसका कार्य है—टिड्डी दल, शीत लहर, महामारी, अकाल जैसी भीषण आपदाओं से अपने परिवार को बचाना। अंत तक जीवित रहने पर वह असली दुनिया में लौट सकती है और सौ अरब जीत सकती है। रास्ते में उसे लोगों के अविश्वास, विरोध और आपदाओं से पैदा मानवीय संकटों का भी सामना करना पड़ता है। अंततः अपनी बुद्धि और सिस्टम के इनामों से वह पूरे गाँव को बचाकर नेता बन जाती है। जब लौटने का समय आता है, तो सिस्टम में
  • Instagram
इस एपिसोड की समीक्षा

छोटी बच्ची की आँखों में छिपा है असली दर्द

जब वह बूढ़ा आदमी रस्सी से बंधा चिल्ला रहा था, तो सबकी नज़रें उस पर थीं, लेकिन मैंने देखा—वह छोटी बच्ची, जिसके आँसू आँखों में जमे थे, वो असली हीरोइन है। उसकी चुप्पी में इतना दर्द था कि दिल दहल गया। आपदाएँ बरसीं, सिस्टम से पाई राह में ऐसे पल ही तो कहानी को जीवंत बनाते हैं। उसकी उंगलियाँ कांप रही थीं, फिर भी वह किसी को नहीं रोकी—शायद वो जानती थी कि ये सब कुछ उसकी किस्मत का हिस्सा है।

बच्ची की आँखों में छिपा है राज़

जब वो बूढ़ा आदमी रस्सी से बंधा चीख रहा था, तो सबकी नज़रें उस पर थीं, पर मेरी नज़र उस छोटी बच्ची पर थी जो चुपचाप सब देख रही थी। उसकी आँखों में डर नहीं, बल्कि एक अजीब सी समझदारी थी। जब उसने उस आदमी के हाथ को पकड़ा, तो लगा जैसे वो उसे बचाने नहीं, बल्कि कुछ और ही करने वाली हो। आपदाएँ बरसीं, सिस्टम से पाई राह में ऐसे मोड़ आते हैं जो दिल दहला देते हैं। उस बच्ची के चेहरे पर जो भाव थे, वो किसी बच्चे के नहीं थे। शायद वो जानती थी कि आगे क्या होने वाला है। जब उस महिला ने उसे रोका, तो लगा जैसे कोई पुराना राज़ खुलने वाला हो। ये दृश्य इतना तनावपूर्ण था कि साँस रुक गई।