जब तीन बेघर लोग सड़क किनारे बैठे होते हैं और अचानक एक साफ सुथरी लड़की कचरा फेंकने आती है, तो माहौल में एक अजीब सी तनावपूर्ण खामोशी छा जाती है। खाक हुआ इश्क़ की यह कहानी दिखाती है कि कैसे सामाजिक स्तर का अंतर रिश्तों को प्रभावित करता है। लड़की का वह नोट 'मैंने तुम्हें खोज लिया' देखकर लगता है कि कोई गहरा राज खुलने वाला है।
लड़की जब कचरा उठाती है तो उसे एक चिट्ठी मिलती है जिस पर लिखा होता है 'मैंने तुम्हें खोज लिया'। इस पल उसका चेहरा बदल जाता है, डर और हैरानी दोनों झलकते हैं। खाक हुआ इश्क़ में ऐसे मोड़ दर्शकों को बांधे रखते हैं। लगता है वह लड़की इन बेघर लोगों से किसी तरह जुड़ी हुई है और अब उसकी जिंदगी में फिर से तूफान आने वाला है।
वीडियो में दो दुनियाओं का टकराव बहुत खूबसूरती से दिखाया गया है। एक तरफ साफ सुथरा घर और योग पहनने वाली लड़की, दूसरी तरफ गंदे कपड़ों में तीन लोग। खाक हुआ इश्क़ की यह कहानी हमें सोचने पर मजबूर करती है कि क्या प्यार इन दीवारों को तोड़ सकता है? लड़की का डर साफ दिख रहा है कि कहीं उसका अतीत उसे तो न ढूंढ ले।
जब वह लड़की नोट पढ़ती है तो उसकी आंखों में जो डर दिखा, वह लाजवाब था। उसे पता चल गया कि कोई उसे ढूंढ रहा है। खाक हुआ इश्क़ में ऐसे भावनात्मक पल बहुत अच्छे से पकड़े गए हैं। वह कचरा फेंकने का नाटक करती है लेकिन असल में वह उस नोट से भागना चाहती है। क्या वह उन तीन लोगों से मिलेगी या भाग जाएगी?
तीन बेघर लोग सड़क पर बैठे हैं, उनमें से एक लड़का और दो लड़कियां। उनकी आंखों में एक अजीब सी चमक है जैसे वे किसी का इंतजार कर रहे हों। खाक हुआ इश्क़ की यह कहानी बताती है कि कैसे प्यार इंसान को कहीं से भी ढूंढ लेता है। जब वह साफ सुथरी लड़की आती है तो लगता है कि इनकी मुलाकात पहले भी हो चुकी है।