इस दृश्य में जो भावनात्मक तनाव है वह सच में रोंगटे खड़े कर देने वाला है। जब वह जमीन पर गिरा हुआ है और दर्द से कराह रहा है, तो लगता है जैसे ठुकराई माँ की कहानी का सबसे दर्दनाक पल सामने हो। उसकी आंखों में जो बेबसी है, वह शब्दों से परे है।
जब उसने वह गोली हाथ में रखी और उसे खाने के लिए मजबूर किया गया, तो स्क्रीन पर सन्नाटा छा गया। छुपा आसमान के इस मोड़ ने सबको हिला कर रख दिया। क्या यह अंत है या किसी नई शुरुआत का संकेत? हर फ्रेम में एक नया सवाल छिपा है।
उस महिला के चेहरे पर जो ठंडक और गुस्सा है, वह हजार चीखों से ज्यादा भारी लग रहा है। खून की एक बूंद उसके होंठों से टपक रही है, लेकिन उसकी आंखें पत्थर जैसी हैं। लगता है उसने ठुकराई माँ बनकर सबक सिखाने की कसम खा ली है।
वह जमीन पर पड़ा हुआ है, मुंह से खून बह रहा है, लेकिन उसकी हंसी में अभी भी एक अजीब सा पागलपन है। ऐसा लगता है जैसे वह दर्द से नहीं, बल्कि अपनी हार से हंस रहा हो। छुपा आसमान के इस किरदार ने दर्शकों का दिल जीत लिया है।
जब वह हाथ जोड़कर भीख मांग रहा था और सामने खड़ी औरत ने उसे वह गोली दी, तो लगा जैसे न्याय का पल आ गया हो। यह दृश्य बताता है कि गलतियां कितनी भारी पड़ सकती हैं। ठुकराई माँ का यह रूप देखकर डर लग रहा है।