जब ठुकराई माँ, छुपा आसमान में खून बहता है तो लगता है जैसे किसी ने दिल के टुकड़े फेंक दिए हों। वो लड़की जिसके होंठों से खून टपक रहा है, उसकी आँखों में दर्द नहीं, बल्कि एक अजीब सी शांति है। जैसे वह जानती हो कि यह सब उसके लिए ही था। बाकी लोग चिल्ला रहे हैं, लड़ रहे हैं, लेकिन वह चुपचाप खड़ी है — जैसे वह इस तमाशे की रानी हो।
छुपा आसमान में जब पिशाच प्रेमी एक-दूसरे को काटते हैं, तो लगता है जैसे प्यार भी अब खून से लिखा जाता है। वो लड़का जिसके गले में लाल रस्सी बंधी है, उसकी आँखों में पागलपन है। और वो लड़की जो हंस रही है, जैसे उसे पता हो कि अगला कौन मरेगा। यह प्रेम कहानी नहीं, यह तो एक खूनी नाच है।
ठुकराई माँ, छुपा आसमान की इस सभा में हर कोई अपने आप में खोया है। कोई चिल्ला रहा है, कोई रो रहा है, कोई हंस रहा है। लेकिन वो लड़की जिसके होंठों से खून बह रहा है, वह सब कुछ देख रही है — जैसे वह जानती हो कि अगला कदम क्या होगा। यह सभा नहीं, यह तो एक खूनी नाटक है।
छुपा आसमान में जब प्रेमी एक-दूसरे को काटते हैं, तो लगता है जैसे प्यार भी अब खून से लिखा जाता है। वो लड़का जिसके गले में लाल रस्सी बंधी है, उसकी आँखों में पागलपन है। और वो लड़की जो हंस रही है, जैसे उसे पता हो कि अगला कौन मरेगा। यह प्रेम कहानी नहीं, यह तो एक खूनी नाच है।
ठुकराई माँ, छुपा आसमान में जब खून बहता है तो लगता है जैसे किसी ने दिल के टुकड़े फेंक दिए हों। वो लड़की जिसके होंठों से खून टपक रहा है, उसकी आँखों में दर्द नहीं, बल्कि एक अजीब सी शांति है। जैसे वह जानती हो कि यह सब उसके लिए ही था। बाकी लोग चिल्ला रहे हैं, लड़ रहे हैं, लेकिन वह चुपचाप खड़ी है — जैसे वह इस तमाशे की रानी हो।