वो काला मास्क पहने खड़ा था, जैसे कोई राज़ छुपा रहा हो। ठुकराई माँ, छुपा आसमान में ऐसे दृश्य देखकर लगता है कि हर कोई कुछ न कुछ छुपा रहा है। उसकी आँखों में डर नहीं, बल्कि एक अजीब सी शांति थी। शायद वो जानता था कि आगे क्या होने वाला है।
जब वो सूट पहने आदमी छाती पकड़कर गिरा, तो सबकी सांसें रुक गईं। ठुकराई माँ, छुपा आसमान के इस मोड़ ने दिल दहला दिया। उसकी आँखों में था वो डर जो शब्दों में बयां नहीं होता। शायद वो जानता था कि उसका अंत निकट है।
वो औरत चुपचाप खड़ी थी, जैसे सब कुछ देख रही हो पर कुछ न कह रही हो। ठुकराई माँ, छुपा आसमान में उसकी खामोशी सबसे ज़्यादा शोर मचा रही थी। उसके गहने चमक रहे थे, पर आँखों में एक अजीब सी खालीपन था। शायद वो सब जानती थी।
उसका सुनहरा जैकेट चमक रहा था, पर उसके चेहरे पर था एक अजीब सा तनाव। ठुकराई माँ, छुपा आसमान में वो सबसे अलग लग रहा था। उसके हाथ में था वो अंगूठी जो शायद किसी राज़ की चाबी थी। शायद वो सब कुछ नियंत्रित कर रहा था।
जब उस लड़के के होंठों से खून टपका, तो सबकी नज़रें उसी पर टिक गईं। ठुकराई माँ, छुपा आसमान का ये दृश्य दिल दहला देने वाला था। उसकी आँखों में था वो दर्द जो शब्दों में बयां नहीं होता। शायद वो किसी धोखे का शिकार हुआ था।