जब माँ के होंठों से खून टपक रहा हो और सामने पैसे बिखरे हों, तो दिल कैसे न टूटे? ठुकराई माँ, छुपा आसमान में यह दृश्य देखकर मैं रो पड़ी। उस औरत की आँखों में दर्द नहीं, एक अजीब सी शांति थी — जैसे उसने सब कुछ छोड़ दिया हो। पुरुषों के बीच की राजनीति और उसकी माँ के बीच का समझौता... सब कुछ इतना गहरा है कि सांस लेना मुश्किल हो जाता है।
वह पर्चा जो उस युवक ने पढ़ा, शायद उसकी माँ की आखिरी इच्छा थी। ठुकराई माँ, छुपा आसमान में हर शब्द एक झटका देता है। जब वह पर्चा फाड़ता है, तो लगता है जैसे उसने अपनी जड़ों को ही नष्ट कर दिया हो। उसकी आँखों में गुस्सा नहीं, बल्कि एक खालीपन था — जैसे वह जानता हो कि अब कुछ भी वापस नहीं आएगा।
वह क्रिस्टल एंजेल जो उस सज्जन ने हाथ में लिया, शायद किसी यादगार का प्रतीक था। ठुकराई माँ, छुपा आसमान में हर वस्तु एक कहानी कहती है। जब वह उसे गिराता है और पैसे बिखर जाते हैं, तो लगता है जैसे उसने अपनी आत्मा को भी बेच दिया हो। उसकी आँखों में एक अजीब सी चमक थी — जैसे वह जानता हो कि यह अंत नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत है।
जब उस माँ ने आखिरी बार मुस्कुराया, तो लगता था जैसे उसने सब कुछ माफ कर दिया हो। ठुकराई माँ, छुपा आसमान में उसकी मुस्कान सबसे दर्दनाक दृश्य था। उसके होंठों से खून टपक रहा था, फिर भी वह मुस्कुरा रही थी — जैसे वह जानती हो कि उसका त्याग व्यर्थ नहीं जाएगा। उसकी आँखों में आंसू नहीं, बल्कि एक अजीब सी शांति थी।
वह सूट पहने आदमी जो पैसे गिन रहा था, शायद इस खेल का सबसे बड़ा खिलाड़ी था। ठुकराई माँ, छुपा आसमान में उसकी हर हरकत एक साजिश लगती है। जब वह क्रिस्टल एंजेल को गिराता है, तो लगता है जैसे उसने किसी की उम्मीदों को तोड़ दिया हो। उसकी आँखों में एक अजीब सी चमक थी — जैसे वह जानता हो कि यह सब उसके नियंत्रण में है।