दायान नरेश और सुदेश के पिता के बीच की तनावपूर्ण बहस देखकर रोंगटे खड़े हो गए। सीमा पर स्थित उस खतरनाक स्तूप को लेकर दोनों का अहंकार आमने-सामने है। दायान नरेश का गुस्सा और सामने वाले का डटकर जवाब देना, यह सब (डबिंग) दुनिया का सबसे बड़ा आवारा २ के उस अंदाज़ को याद दिलाता है जहाँ रिश्ते और देश की इज़्ज़त दोनों दांव पर लगी होती हैं।
सुदेश की बेटी का चेहरा देखकर लग रहा है कि वह अपने पति को लेकर कितनी परेशान है। जब दायान नरेश स्तूप में जाने से रोकता है, तो उसकी आँखों में आंसू और गुस्सा दोनों साफ़ दिख रहे हैं। यह भावनात्मक दृश्य (डबिंग) दुनिया का सबसे बड़ा आवारा २ की उन कहानियों जैसा है जहाँ परिवार के बंधन सबसे ऊपर होते हैं।
दायान नरेश का यह कहना कि स्तूप उत्तर यू की शान है और कोई हिमाकत नहीं कर सकता, उसकी सत्ता के नशे को दिखाता है। वहीं सुदेश के पिता का अपनी बेटी के पति को बचाने के लिए डट जाना काबिले तारीफ है। (डबिंग) दुनिया का सबसे बड़ा आवारा २ में भी ऐसे ही किरदार होते हैं जो अपनी मर्यादा के लिए लड़ते हैं।
वह स्तूप जो दोनों देशों की सीमा पर है और जहाँ सुदेश फंसा हुआ है, वह सिर्फ एक इमारत नहीं बल्कि दोनों राज्यों के बीच की दुश्मनी का प्रतीक लग रहा है। दायान नरेश का वहां जाने से रोकना और सामने वाले का जिद करना, यह ड्रामा (डबिंग) दुनिया का सबसे बड़ा आवारा २ के प्लॉट ट्विस्ट जैसा लग रहा है।
सुदेश के पिता का यह कहना कि 'मुझे अपने दामाद को बचाना है', एक पिता के ममतामयी स्वभाव को दर्शाता है। चाहे सामने दायान नरेश जैसा ताकतवर शासक क्यों न हो, वह पीछे नहीं हट रहे। यह दृश्य (डबिंग) दुनिया का सबसे बड़ा आवारा २ के उन पलों को याद दिलाता है जहाँ रिश्ते ताकत से बड़े होते हैं।