इस दृश्य में तनाव इतना गहरा है कि सांस रुक जाए। राजा का अहंकार और सामने वाले की चुनौती, दोनों ही खतरनाक लग रहे हैं। जब सीमा पर बाजार बनाने की बात आई, तो लगा कि शायद शांति मिले, पर अंत में युद्ध की धमकी ने सब खत्म कर दिया। डबिंग दुनिया का सबसे बड़ा आवारा २ में ऐसे मोड़ देखकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। तलवार वाली महिला की आंखों में जो ठंडक है, वो किसी से कम नहीं।
जब शब्द काम नहीं करते, तो तलवारें बोलती हैं, यही लग रहा है इस सीन में। राजा का गुस्सा और सामने वाले का धैर्य, दोनों का टकराव देखने लायक है। महिला योद्धा का प्रवेश जैसे ही हुआ, माहौल बदल गया। उसने जो शांति का प्रस्ताव रखा, वो बहुत समझदारी भरा था, पर अहंकार ने रास्ता रोका। डबिंग दुनिया का सबसे बड़ा आवारा २ के इस एपिसोड में डायलॉग्स बहुत भारी हैं।
राजा का व्यवहार देखकर लगता है कि सत्ता ने उसे अंधा कर दिया है। सामने वाला व्यक्ति शांति चाहता है, पर राजा को तो बस झुकाना है। बीच में खड़ी महिला योद्धा की आवाज में जो दम है, वो काबिले तारीफ है। उसने जो बाजारों की बात कही, वो दोनों देशों के लिए फायदेमंद थी। डबिंग दुनिया का सबसे बड़ा आवारा २ में ऐसे संवाद दिल को छू लेते हैं। काश राजा समझ पाता।
सीमा पर खड़े होकर ये बहस देखकर लगा कि अब युद्ध निश्चित है। राजा की आंखों में जो नफरत है, वो डरावनी है। सामने वाले का चेहरा शांत है, पर आंखें सब कह रही हैं। महिला योद्धा का प्रस्ताव बहुत व्यावहारिक था, पर राजा ने उसे ठुकरा दिया। डबिंग दुनिया का सबसे बड़ा आवारा २ के इस सीन में एक्टिंग शानदार है। हर किरदार ने अपना रंग जमाया है।
जब शांति का हाथ बढ़ाया गया, तो उसे ठुकरा दिया गया। राजा का अहंकार इतना बढ़ गया है कि उसे कुछ नहीं दिख रहा। महिला योद्धा ने जो कहा, वो बिल्कुल सही था। बाजार बनने से दोनों देशों को फायदा होता, पर राजा को तो बस अपनी ताकत दिखानी है। डबिंग दुनिया का सबसे बड़ा आवारा २ में ऐसे मोड़ देखकर दिल दहल जाता है। अब आगे क्या होगा, ये देखना बाकी है।