जब पूरी दुनिया खतरे में थी और सभा में सब लोग घबरा गए थे, तब आकाश शर्मा ने अपने कमरे में आराम करते हुए अपनी असली ताकत दिखाई। उसकी आँखें चमकीं और उंगली से आग निकली, फिर हरे तकिए से तलवार का नाद निकालकर उसने सभी मिसाइलों को रोक दिया। यह दृश्य देखकर रोंगटे खड़े हो गए।
सरस्वती शर्मा एक जिम्मेदार माँ और नेता के रूप में दिखाई दीं। जब देश पर हमला होने वाला था, तो वे अपने बेटे आकाश को फोन करके मदद मांग रही थीं। उनका चेहरा चिंता से भरा था, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। अंत में जब आकाश ने सब कुछ संभाल लिया, तो उनकी राहत साफ दिखी।
सुरक्षा विभाग की बैठक में सभी अधिकारी डरे हुए थे। स्क्रीन पर लाल चेतावनी और काउंटडाउन देखकर लग रहा था कि अब सब खत्म हो जाएगा। मंत्री चंद्र शर्मा गुस्से में थे और वायु रक्षा निदेशक शर्मिंदा खड़ा था। यह तनाव इतना असली लगा कि सांस रुक सी गई।
जब दुनिया खत्म होने वाली थी, तब आकाश शर्मा अपने बिस्तर पर लेटा फोन पर बात कर रहा था। उसने गर्दन तकिये के साथ आराम किया और हंसते हुए बात की। यह लापरवाही अजीब लगी, लेकिन बाद में पता चला कि वह सब जानबूझकर कर रहा था। उसका अंदाज बहुत कूल था।
हरा तकिया अचानक एक चमकदार तलवार में बदल गया, जिस पर तलवार का नाद लिखा था। आकाश ने उसे हवा में घुमाया और एक ऊर्जा वलय बनाया जिसने सभी मिसाइलों को रोक दिया। यह दृश्य इतना शानदार था कि बार-बार देखने का मन किया। जादू और विज्ञान का बेहतरीन मिश्रण।