राजा की आँखों में छिपा संदेह देखकर रोंगटे खड़े हो गए। वह जानता है कि कुछ गड़बड़ है, फिर भी वह चुप है। (डबिंग) दुनिया का सबसे बड़ा आवारा २ में यह मोड़ बहुत ही शानदार है। जब राजा कहता है कि सब कुछ इत्तेफाक है, तो लगता है कि वह किसी बड़ी साजिश से डर रहा है। सैनिक की वफादारी और राजा की मजबूरी के बीच का तनाव कमाल का है।
झील के बीच बना वह मंच और वहां मौजूद गुरु और काले लिबास वाला शख्स... माहौल में एक अजीब सी खामोशी है। गुरु की तारीफ और शिष्य का विनम्र उत्तर देखकर लगता है कि कोई बड़ी योजना सफल हुई है। (डबिंग) दुनिया का सबसे बड़ा आवारा २ में यह दृश्य बहुत गहराई रखता है। लगता है कि मरे हुए बच्चों की कहानी अभी खत्म नहीं हुई है।
जमीन पर पड़े दोनों बच्चे और उनके चेहरे पर खून के निशान देखकर दिल दहल गया। लेकिन फिर गुरु का वह वाक्य कि 'वे अब जागने वाले हैं', सब कुछ बदल देता है। (डबिंग) दुनिया का सबसे बड़ा आवारा २ का यह प्लॉट ट्विस्ट बहुत ही अनोखा है। क्या सच में वे मरे हैं या फिर यह कोई माया है? यह सवाल दिमाग में घूम रहा है।
राजा जब कहता है कि उसका एक स्तंभ खो गया है और उसका दिल दुखी है, तो उसकी आवाज में जो दर्द है वह असली लगता है। लेकिन फिर वह सब कुछ इत्तेफाक बताकर बात टाल देता है। (डबिंग) दुनिया का सबसे बड़ा आवारा २ में पात्रों की यह दोहरी चरित्र बहुत दिलचस्प है। क्या वह सच में दुखी है या फिर नाटक कर रहा है? यह जानने की उत्सुकता बढ़ गई है।
काले लिबास में लिपटा वह शख्स कौन है? उसने बच्चों को बदला और गुरु के पास लाया। गुरु की तारीफ सुनकर लगता है कि उसने कोई बहुत बड़ा काम किया है। (डबिंग) दुनिया का सबसे बड़ा आवारा २ में यह किरदार बहुत ही रहस्यमयी है। उसकी आँखें नहीं दिख रही हैं, लेकिन उसकी उपस्थिति ही काफी है माहौल को डरावना बनाने के लिए।