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प्रसव कक्ष से बदला शुरूवां35एपिसोड

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प्रसव कक्ष से बदला शुरू

पति ने प्यार में पत्नी की कंपनी चलाने के लिए अपनी पहचान छुपाई। जब पत्नी के जन्म के समय वह बाहर था, तो उसके 'पुरुष मित्र' ने बच्चे की नाल काटी और पत्नी ने नवजात बेटे को उसी मित्र को 'पिता' कहना सिखाया। फिर पति की जगह और सारे अधिकार भी उस मित्र को देने की कोशिश की गई। अब पति ने बदला लेने की साजिश रची है…
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इस एपिसोड की समीक्षा

दर्द भरी आंखें

सफेद पोशाक वाली महिला की आंखों में जो दर्द है वो दिल को छू लेता है। लगता है जैसे उस पर कोई बड़ा आरोप लगा हो। चश्मे वाला व्यक्ति बहुत घमंडी लग रहा है। प्रसव कक्ष से बदला शुरू में ऐसे मोड़ आते हैं जो सांस रोक देते हैं। कलाकारों ने बहुत अच्छा अभिनय किया है। यह दृश्य देखकर गुस्सा आ रहा है कि सच सामने क्यों नहीं आ रहा। सबको इंतजार है कि अगली कड़ी में क्या होगा।

गुस्से का पारा

काले सूट वाले लड़के का गुस्सा साफ दिख रहा है। वह किसी से बहस कर रहा है और उसकी भाषा बहुत आक्रामक है। प्रसव कक्ष से बदला शुरू की कहानी में यह टकराव बहुत जरूरी था। पीछे खड़ी बुजुर्ग महिला की चिंता भी देखने लायक है। लगता है परिवार में कोई बड़ा राज छिपा है। नेटशॉर्ट मंच पर यह नाटक देखने में बहुत मजा आ रहा है। हर पल नया मोड़ सामने आ रहा है।

तनाव का माहौल

सुरक्षा गार्ड के आते ही माहौल में तनाव बढ़ गया। लगता है अब मामला कानून या नियमों का होने वाला है। सफेद साड़ी वाली नायिका बहुत मासूम लग रही है। प्रसव कक्ष से बदला शुरू में हर किरदार की अपनी मजबूरी है। संवाद बहुत दमदार हैं। कैमरे के कोणों ने भावनाओं को अच्छे से कैप्चर किया है। मुझे यह दृश्य बहुत पसंद आया क्योंकि इसमें नाटक की पूरी झलक है।

चालाक मुस्कान

चश्मे वाले व्यक्ति की मुस्कान में बहुत चालाकी है। वह सब कुछ योजना बनाकर चल रहा है। सामने खड़े युवक को लग रहा है कि उसे धोखा मिला है। प्रसव कक्ष से बदला शुरू की पटकथा बहुत मजबूत है। पृष्ठभूमि का संगीत भी तनाव बढ़ा रहा है। ऐसे दृश्य देखकर लगता है कि बदला लेने का वक्त आ गया है। सभी कलाकारों के कपड़े और सजावट भी बहुत शानदार हैं।

खामोशी का शोर

इस दृश्य में जो खामोशी है वो शोर से ज्यादा भारी लग रही है। सफेद पोशाक वाली महिला कुछ कहना चाहती है पर रुकी हुई है। प्रसव कक्ष से बदला शुरू में ऐसे पल बहुत आते हैं। दीवार पर लगी चित्रकारी भी इस अमीराना माहौल को दिखा रही है। लगता है यह किसी बड़े घर की कहानी है। कहानी में गहराई है जो दर्शकों को बांधे रखती है। मुझे अगला भाग देखने की जल्दी है।

रिश्तों की जंग

दोनों पुरुष पात्रों के बीच की दुश्मनी साफ झलक रही है। एक शांत है तो दूसरा गुस्से में है। प्रसव कक्ष से बदला शुरू में रिश्तों की यह जंग देखने लायक है। महिला के चेहरे के भाव हर पल बदल रहे हैं। कभी उम्मीद तो कभी निराशा दिख रही है। निर्देशन बहुत अच्छा है जो हर कोण से भावनाएं दिखाता है। यह श्रृंखला मेरी पसंदीदा बन गई है।

परिवार का क्लेश

पीछे खड़े लोग भी इस झगड़े को ध्यान से देख रहे हैं। लगता है पूरा घर इसी बात पर बंट गया है। प्रसव कक्ष से बदला शुरू की कहानी में परिवार का क्लेश मुख्य है। सफेद कपड़ों वाली लड़की की हालत देखकर तरस आ रहा है। काश कोई उसकी मदद करे। दृश्य की गुणवत्ता भी बहुत साफ है। रंगों का इस्तेमाल माहौल के हिसाब से किया गया है।

चेतावनी का पल

युवक ने उंगली उठाकर किसी को चेतावनी दी है। यह पल बहुत नाटकीय है। प्रसव कक्ष से बदला शुरू में ऐसे उच्च तनाव वाले दृश्य बहुत आते हैं। चश्मे वाले व्यक्ति को अपनी ताकत पर बहुत घमंड है। पर लगता है उसे सबक मिलने वाला है। कहानी की गति बहुत तेज है। एक भी पल नीरस नहीं लगता। मैं हर कड़ी का बेसब्री से इंतजार करती हूं।

शाही सजावट

बुजुर्ग महिला के चेहरे पर हैरानी साफ दिख रही है। उसे यकीन नहीं हो रहा कि सब कुछ ऐसे बदल गया। प्रसव कक्ष से बदला शुरू में हर रिश्ते की परीक्षा हो रही है। मंच की सजावट बहुत शाही है जो अमीर परिवार को दर्शाता है। कलाकारों का लगाव बहुत स्वाभाविक है। लगता है वे असली जीवन में भी ऐसे ही हैं। यह श्रृंखला देखने के लिए श्रेष्ठ है।

अंतिम मोड़

अंत में जो मोड़ आया उसने सबको चौंका दिया। सफेद पोशाक वाली महिला की आंखों में आंसू हैं। प्रसव कक्ष से बदला शुरू का चरम बहुत धमाकेदार होने वाला है। सुरक्षा वाले के प्रवेश ने कहानी में नया मोड़ दिया। अब सबको इंतजार है कि सच क्या है। मुझे यह श्रृंखला बहुत पसंद आ रही है। नेटशॉर्ट मंच पर ऐसे ही अच्छी सामग्री मिलती हैं।