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प्रसव कक्ष से बदला शुरूवां31एपिसोड

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प्रसव कक्ष से बदला शुरू

पति ने प्यार में पत्नी की कंपनी चलाने के लिए अपनी पहचान छुपाई। जब पत्नी के जन्म के समय वह बाहर था, तो उसके 'पुरुष मित्र' ने बच्चे की नाल काटी और पत्नी ने नवजात बेटे को उसी मित्र को 'पिता' कहना सिखाया। फिर पति की जगह और सारे अधिकार भी उस मित्र को देने की कोशिश की गई। अब पति ने बदला लेने की साजिश रची है…
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इस एपिसोड की समीक्षा

आंखों का दर्द बयां सब कुछ

सफेद साड़ी वाली अभिनेत्री की आंखों में छिपा दर्द साफ झलक रहा है स्क्रीन पर। मानो कोई बहुत बड़ा राज अब खुलने वाला हो सबके सामने। प्रसव कक्ष से बदला शुरू में ऐसे इमोशनल सीन दिल को बहुत गहराई तक छू लेते हैं। चश्मे वाले शख्स का कन्फ्यूजन देखने लायक है। एक्टिंग बहुत नेचुरल लगी मुझे।

काली पोशाक वाली की एंट्री

काले कपड़े वाली बुजुर्ग महिला ने तो सबका ध्यान अपनी तरफ खींच लिया पूरी तरह। उनकी उंगली उठाने का अंदाज ही कुछ और था इस सीन में। प्रसव कक्ष से बदला शुरू की कहानी में ये ट्विस्ट बहुत जरूरी था अब। परिवार के रिश्तों की गहराई यहां साफ दिखती है। बहुत पसंद आया ये किरदार मुझे।

सूट वाले का कन्फ्यूजन

सूट पहने व्यक्ति के चेहरे पर हैरानी साफ झलक रही थी हर पल। शायद उसे किसी बात का यकीन बिल्कुल नहीं हो रहा है अभी। प्रसव कक्ष से बदला शुरू में हर किरदार की अपनी अलग कहानी है। सस्पेंस बना हुआ है कि आगे क्या होगा। डायलॉग डिलीवरी भी काफी दमदार लगी। देखते रहने का मन करता है।

मुस्कान के पीछे का सच

इमोशनल सीन में भी एक्ट्रेस ने खुद को बहुत संभाला हुआ है। मुस्कान के पीछे छिपा दर्द समझ आ रहा है स्क्रीन पर। प्रसव कक्ष से बदला शुरू जैसे शो में ऐसा कंटेंट मिलना दुर्लभ है। सेटिंग बहुत शानदार है और लाइटिंग भी। मैंने नेटशॉर्ट ऐप पर देखा, अनुभव अच्छा रहा।

रंगों का खेल और कहानी

हॉल का माहौल तनावपूर्ण है पर सबकी ड्रेसिंग सेंस कमाल की है। सफेद और काले कपड़ों का कंट्रास्ट कहानी बता रहा है। प्रसव कक्ष से बदला शुरू में विजुअल स्टोरीटेलिंग बहुत अच्छी है। हर फ्रेम में कुछ न कुछ छिपा है। दर्शक को बांधे रखने की कला यहां है। मुझे ये एस्थेटिक्स बहुत भाए।

औरतों की ताकत का जलवा

बुजुर्ग महिला की बातों में वजन है, वो चुप नहीं बैठने वालीं। लगता है वो लड़की की तरफ से लड़ रही हैं। प्रसव कक्ष से बदला शुरू में औरतों की ताकत दिखाई गई है। ये डायलॉग बाजी बहुत तेज चल रही है। मुझे ये कॉन्फ्लिक्ट वाला हिस्सा सबसे अच्छा लगा।

धोखा या मजबूरी का सवाल

क्या ये सूट वाला शख्स धोखा दे रहा है या खुद धोखा खा रहा है? उसके चेहरे के भाव बदलते रहते हैं। प्रसव कक्ष से बदला शुरू की पटकथा में ये पेचीदगी जरूरी है। हर एपिसोड के बाद नया सवाल खड़ा होता है। मैं अगला पार्ट देखने के लिए बेताब हूं। रहस्य बना है।

खामोशी की गूंज

सफेद पोशाक वाली महिला की चुप्पी सब कुछ कह रही है। वो कुछ बोलना चाहती है पर रुकी हुई है। प्रसव कक्ष से बदला शुरू में खामोशी का इस्तेमाल बहुत अच्छे से हुआ है। ये साइलेंट एक्टिंग देखने में बहुत प्रभावशाली लगती है। काश ऐसे शो और भी बनते।

न्याय की उम्मीद बाकी

परिवार के झगड़े में अक्सर सच छिप जाता है, पर यहां ऐसा नहीं लग रहा। सब कुछ साफ हो रहा है धीरे धीरे। प्रसव कक्ष से बदला शुरू में न्याय की उम्मीद बनी हुई है। क्लाइमेक्स की तरफ बढ़ते हुए ये सीन अहम हैं। मुझे ये जजमेंट वाला सीन बहुत भाया।

ड्रामा और इमोशन का मेल

कुल मिलाकर ये वेब सीरीज अपने जॉनर में बेस्ट है। एक्टर्स ने जान डाल दी है अपने किरदारों में। प्रसव कक्ष से बदला शुरू को मैंने पूरा एन्जॉय किया। इमोशन और ड्रामा का सही मिश्रण है इसमें। दोस्तों को भी जरूर सुझाऊंगी ये शो देखने के लिए। मजा आ गया।