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प्रसव कक्ष से बदला शुरूवां2एपिसोड

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प्रसव कक्ष से बदला शुरू

पति ने प्यार में पत्नी की कंपनी चलाने के लिए अपनी पहचान छुपाई। जब पत्नी के जन्म के समय वह बाहर था, तो उसके 'पुरुष मित्र' ने बच्चे की नाल काटी और पत्नी ने नवजात बेटे को उसी मित्र को 'पिता' कहना सिखाया। फिर पति की जगह और सारे अधिकार भी उस मित्र को देने की कोशिश की गई। अब पति ने बदला लेने की साजिश रची है…
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इस एपिसोड की समीक्षा

अस्पताल का तनावपूर्ण माहौल

अस्पताल के उस दृश्य में जब काले सूट वाला शख्स खड़ा था, उसकी आंखों में गुस्सा साफ दिख रहा था। चेकर्ड जैकेट वाला व्यक्ति बच्चे के पास बैठकर ऐसे व्यवहार कर रहा था जैसे सब कुछ उसका हो। यह तनाव देखकर लगता है कि प्रसव कक्ष से बदला शुरू होने वाला है। परिवार वाले चुपचाप सब देख रहे हैं, मानो कोई बड़ी साजिश रची जा रही हो। इस कहानी में हर किरदार के इरादे स्पष्ट नहीं हैं, जो दर्शकों को बांधे रखता है।

कार्यालय में गुस्से का पैमाना

कार्यालय वाले दृश्य में जब काले सूट वाले शख्स ने कांच के दरवाजे के पीछे वह नज़ारा देखा, तो उसका गुस्सा सातवें आसमान पर था। सफेद सूट वाली और चेकर्ड जैकेट वाला व्यक्ति काफी करीब लग रहे थे। प्रसव कक्ष से बदला शुरू की कहानी में यह मोड़ बहुत ही नाटकीय है। किसी की निजता में इस तरह दखल देना और फिर गुस्से में दरवाजा खोलना, यह दिखाता है कि अब धैर्य का पैमाना भर चुका है। आगे क्या होगा, यह जानने की उत्सुकता बढ़ गई है।

महिला किरदार का द्वंद्व

सफेद सूट वाली के चेहरे के भाव बहुत जटिल हैं। अस्पताल में वह कमजोर लग रही थी, लेकिन कार्यालय में वह काफी सशक्त दिख रही है। क्या वह इस खेल की मुख्य सूत्रधार है। प्रसव कक्ष से बदला शुरू के कथानक में यह द्वंद्व बहुत दिलचस्प है। जब काले सूट वाला शख्स अंदर घुसता है, तो हवा में बिजली सी कौंध जाती है। ऐसे रिश्तों में धोखा और बदला दोनों ही तीखे हथियार साबित होते हैं।

बच्चे और बड़ों का विरोधाभास

बच्चे की मासूमियत और बड़ों की चालबाजी का विरोधाभास बहुत गहरा है। एक तरफ नन्हा सा बच्चा सो रहा है, दूसरी तरफ वयस्क लोग एक दूसरे को हराने की योजना बना रहे हैं। प्रसव कक्ष से बदला शुरू की कहानी यहीं से दिलचस्प होती है। काले सूट वाले शख्स की चुप्पी शोर मचा रही है। वह कुछ बोल नहीं रहा, लेकिन उसकी आंखें सब कुछ कह रही हैं। यह खामोश गुस्सा सबसे खतरनाक होता है।

खलनायक का घमंड

चेकर्ड जैकेट वाले व्यक्ति की हिम्मत देखकर हैरानी होती है। वह मालिक के सामने भी ऐसा व्यवहार कर रहा है जैसे उसे कोई डर नहीं है। शायद उसे अपनी ताकत पर बहुत घमंड है। प्रसव कक्ष से बदला शुरू में यह किरदार खलनायक जैसा लग रहा है। कार्यालय के उस दृश्य में जब उसने सफेद सूट वाली के कंधे पर हाथ रखा, तो माहौल तनावपूर्ण हो गया। अब मालिक कैसे प्रतिक्रिया देगा, यह देखना बाकी है।

बुजुर्ग दंपति की चुप्पी

बुजुर्ग दंपति की चुप्पी भी बहुत कुछ कहती है। वे सब कुछ देख रहे हैं लेकिन कुछ बोल नहीं रहे। शायद वे इस साजिश का हिस्सा हैं या बस मजबूर हैं। प्रसव कक्ष से बदला शुरू के हर भाग में नए राज खुल रहे हैं। अस्पताल का वातावरण शांत है, लेकिन मन के शोर से वहां का सन्नाटा डरावना लग रहा है। हर कोई किसी न किसी छुपे हुए योजना के साथ चल रहा है।

काले सूट वाले का प्रभाव

काले सूट वाले शख्स का चलने का तरीका और उसका खड़ा होने का ढंग बहुत प्रभावशाली है। जब वह कार्यालय में चलता है, तो लगता है कि अब वह कार्यवाही करने वाला है। प्रसव कक्ष से बदला शुरू की रफ्तार अब तेज हो गई है। उसने जब दरवाजा खोला, तो लगा कि अब धमाका होगा। ऐसे दृश्य दर्शकों के रोंगटे खड़े कर देते हैं। कार्य और भावना का यह मिश्रण बहुत अच्छा बनाया गया है।

डर और आत्मविश्वास

सफेद सूट वाली की आंखों में डर और आत्मविश्वास दोनों झलक रहे हैं। जब काले सूट वाला शख्स अंदर आता है, तो वह घबरा जाती है लेकिन फिर संभल जाती है। प्रसव कक्ष से बदला शुरू में पात्रों को काफी मजबूती से दिखाया गया है। वह सिर्फ एक पीड़ित नहीं है, बल्कि खेल का एक अहम हिस्सा है। उसके इशारों पर सब कुछ चल रहा है ऐसा लगता है।

कहानी का सुचारू बदलाव

कहानी की शुरुआत अस्पताल से होती है लेकिन असली खेल कार्यालय में शुरू होता है। यह बदलाव बहुत सुचारू है। प्रसव कक्ष से बदला शुरू का नाम ही इसकी कहानी को सही ढंग से परिभाषित करता है। हर दृश्य में एक नया रहस्य सामने आता है। दर्शक हर पल यह सोचते हैं कि आखिर सच्चाई क्या है। यह रहस्य बनाए रखना आसान नहीं है।

चरमोत्कर्ष की ओर

अंत में जब काले सूट वाला शख्स दरवाजे पर खड़ा होता है, तो वहां का सन्नाटा सबसे ज्यादा शोर मचाता है। चेकर्ड जैकेट वाला व्यक्ति और सफेद सूट वाली दोनों ही चौंक जाते हैं। प्रसव कक्ष से बदला शुरू का चरमोत्कर्ष बहुत ही दमदार होने वाला है। यह दृश्य बताता है कि अब कोई पीछे नहीं हटने वाला है। बदले की आग अब सुलगने वाली है और सब कुछ जलाकर राख कर सकती है।