PreviousLater
Close

रूप का धोखावां12एपिसोड

like2.0Kchase2.0K

रूप का धोखा

तारा शेट्टी ने अर्जुन राठौर से बीस साल प्यार किया। एक भयानक आग में उसकी जान बचाने के लिए तारा ने अपनी पूरी त्वचा दान कर दी, जिससे उसका चेहरा बिगड़ गया और उसे कैंसर की आख़िरी स्टेज हो गई। अर्जुन होश में आया तो तनु शेट्टी के झूठ में फँसकर तारा को ही ठुकराने लगा। आख़िरी दिनों में तारा ने दर्द सहकर त्वचा प्रत्यारोपण से नया चेहरा बनाया और तीन छोटी‑सी ख्वाहिशें मांगी। लेकिन तनु की चालें बढ़ती गईं और एक दिन सबके सामने तारा का नया चेहरा पिघल गया, और सच सामने आते ही अर्जुन की दुनिया बिखर गई।
  • Instagram
इस एपिसोड की समीक्षा

तलाकनामा और नफरत का खेल

तलाक के कागज थमाते ही चेहरे का रंग बदल गया। शायद उसे लगा था कि वह हमेशा के लिए आजाद हो गया है, लेकिन उसकी आंखों में छिपी नफरत सब कुछ बता रही थी। रूप का धोखा में दिखाया गया यह मोड़ बहुत ही चौंकाने वाला था। पैसे उड़ाना उसकी हार को छिपाने का एक तरीका था, जो बहुत गहराई से महसूस हुआ।

तीसरे इंसान की मुस्कान

वह दूसरी लड़की जो पीछे खड़ी मुस्कुरा रही थी, उसकी जीत साफ दिख रही थी। लेकिन क्या उसे पता है कि जिस इंसान के लिए उसने सब कुछ दांव पर लगाया, वह इतना निर्दयी हो सकता है? रूप का धोखा की कहानी में यह तिकोना प्यार सबसे ज्यादा दर्दनाक लग रहा है। उसकी चालाकी और उस आदमी का घमंड मिलकर एक जहर बन गया है।

कैमरा और धोखे की सच्चाई

शुरुआत में जब वह लड़की कैमरा संभाल रही थी, तो लगा शायद वह बस एक फोटोग्राफर है, लेकिन बाद में पता चला कि वह इस नाटक का सबसे बड़ा शिकार है। रूप का धोखा में कैमरे के जरिए दिखाए गए झूठ और सच का फर्क बहुत बारीकी से दिखाया गया है। उसकी मासूमियत और फिर अचानक आया वह धक्का, सब कुछ बदल गया।

अहंकार की ऊंचाई और गिरावट

सूट पहने वह आदमी जब ऊपर से पैसे फेंकता है, तो उसे लगता है कि वह दुनिया का बादशाह है। लेकिन असल में वह अपने ही अहंकार के जाल में फंस चुका है। रूप का धोखा में दिखाया गया यह अहंकार इंसान को कितना नीचे गिरा सकता है, यह देखकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। उसकी हरकतें अब सिर्फ नफरत पैदा कर रही हैं।

जमीन पर गिरी हुई इज्जत

जब वह लड़की जमीन पर गिरती है और पैसे उसके ऊपर बरसते हैं, तो वह सिर्फ एक गिरावट नहीं, बल्कि इंसानियत का पतन है। रूप का धोखा का यह सीन सबसे ज्यादा दर्दनाक था। उसकी आंखों में आंसू और चेहरे पर अपमान साफ झलक रहा था। कोई भी इंसान इतना बेरहम कैसे हो सकता है, यह सवाल अभी भी दिमाग में घूम रहा है।

और भी शानदार समीक्षाएँ (5)
arrow down