ग्रे कोट वाले शख्स ने बिना एक पल सोचे कार्ड निकाला और वह कीमती पत्थर खरीद लिया। उसकी आंखों में जो ठंडक थी, वह डरावनी थी। उसने साफ कर दिया कि पैसा सब कुछ खरीद सकता है, चाहे वह किसी का दिल हो या कोई अनमोल चीज। रूप का धोखा दिखाता है कि कैसे रिश्ते पलों में बदल जाते हैं। उसकी बेरुखी देखकर गुस्सा आ रहा था।
वह लड़की जो चेकर्ड जैकेट पहने थी, उसने पूरे समय कुछ नहीं कहा। उसकी आंखों में जो दर्द था, वह हजारों शब्दों से ज्यादा भारी था। जब वह पेंडेंट जमीन पर गिरा, तो उसका चेहरा देखकर लगा जैसे उसकी दुनिया ही खत्म हो गई हो। रूप का धोखा में ऐसे पल ही तो असली कहानी कहते हैं। उसकी मजबूरी साफ झलक रही थी।
नीली ड्रेस वाली दुकानदार ने बड़े ही होशियारी से स्थिति का फायदा उठाया। उसने देखा कि ग्राहक अमीर है, तो उसने तुरंत कीमत बढ़ा दी। उसकी मुस्कान के पीछे छिपा लालच साफ दिखाई दे रहा था। रूप का धोखा में ऐसे किरदार ही कहानी को आगे बढ़ाते हैं। उसका हर इशारा पैसों की तरफ था।
जब वह सफेद पेंडेंट जमीन पर गिरकर टूट गया, तो लगा जैसे किसी रिश्ते का अंत हो गया हो। वह सिर्फ एक पत्थर नहीं था, बल्कि दो लोगों के बीच के विश्वास का प्रतीक था। रूप का धोखा में यह दृश्य सबसे महत्वपूर्ण था। उस टूटे हुए पेंडेंट ने सब कुछ साफ कर दिया कि अब कुछ भी पहले जैसा नहीं रहेगा।
अंत में वह लड़की जो बैंगनी ड्रेस में थी, वह मुस्कुरा रही थी। उसे लगा कि उसने सब कुछ हासिल कर लिया है, लेकिन उसे नहीं पता कि उसने क्या खो दिया है। उसकी जीत बहुत छोटी और क्षणिक लग रही थी। रूप का धोखा हमें बताता है कि लालच का अंत हमेशा बुरा होता है। उसकी खुशी में एक अजीब सी खालीपन था।