जब तनु के बचपन के फ्लैशबैक आए, तो लगा जैसे समय थम गया हो। उस छोटी सी मुस्कान में कितना दर्द छिपा था, ये रूप का धोखा ने बहुत खूबसूरती से दिखाया। नेटशॉर्ट की स्टोरीटेलिंग हमेशा दिल को छू लेती है।
अर्जुन की चुप्पी में कितना कुछ कहना था, ये रूप का धोखा ने बिना डायलॉग के समझा दिया। उसकी आँखों में छिपा दर्द और तनु के प्रति उसका प्यार, बस एक नज़र में सब कुछ कह गया। नेटशॉर्ट पर ऐसे किरदार देखना अलग ही अनुभव है।
तारा की सौतेली माँ का किरदार इतना जटिल था कि हर सीन में नया रंग दिखा। रूप का धोखा ने दिखाया कि कैसे एक माँ का प्यार भी कभी-कभी जहर बन सकता है। नेटशॉर्ट की ये स्टोरी लाइन बहुत गहरी है।
जब तनु ने मास्क पहना और अर्जुन ने उसे देखा, तो लगा जैसे समय रुक गया हो। रूप का धोखा में ये सीन सबसे ज्यादा इमोशनल था। नेटशॉर्ट पर ऐसे मोड़ देखकर लगता है कि कहानी अभी खत्म नहीं हुई।
तारा के पिता का किरदार इतना मानवीय था कि हर गलती के बाद भी प्यार बना रहा। रूप का धोखा ने दिखाया कि कैसे एक पिता अपनी गलतियों से बच्चों को बचाने की कोशिश करता है। नेटशॉर्ट की ये स्टोरी दिल को छू लेती है।