वह आदमी वाइन का गिलास उठाता है, पीता है, फिर वापस रख देता है। कोई बात नहीं होती, बस नज़रें मिलती हैं। लगता है दोनों के बीच कुछ अनकहा है। रूप का धोखा में यह खामोशी सबसे ज्यादा बोलती है। कभी-कभी शब्दों से ज्यादा चुप्पी दर्द देती है।
अचानक सीन बदलता है और हम हॉस्पिटल में होते हैं। वही लड़की अब बेड पर लेटी है, नींद में। दो डॉक्टर उसके बारे में बात कर रहे हैं। क्या वह ज़हरीली वाइन पी गई? रूप का धोखा की कहानी इतनी तेज़ी से बदलती है कि सांस रुक जाती है।
महिला डॉक्टर की आवाज़ में चिंता साफ़ झलकती है। वह पुरुष डॉक्टर से कुछ पूछ रही है, लेकिन वह चुप है। उसकी आँखों में एक अजीब सी बेचैनी है। क्या वह कुछ छुपा रहा है? रूप का धोखा में हर चेहरा एक पहेली लगता है।
लड़की बेड पर लेटी है, आँखें बंद हैं, लेकिन उसके चेहरे पर एक अजीब सा तनाव है। जैसे वह सपने में भी डर रही हो। रूप का धोखा की यह तस्वीर दिल को छू जाती है। कभी-कभी नींद भी सुरक्षित नहीं होती।
वह आदमी इतना शांत क्यों है? उसने वाइन पी, फिर चला गया। क्या वह कुछ जानता है? या वह खुद कुछ छुपा रहा है? रूप का धोखा में हर किरदार के पीछे एक राज़ है। उसकी आँखों में एक अजीब सी ठंडक है।