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रूप का धोखावां14एपिसोड

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रूप का धोखा

तारा शेट्टी ने अर्जुन राठौर से बीस साल प्यार किया। एक भयानक आग में उसकी जान बचाने के लिए तारा ने अपनी पूरी त्वचा दान कर दी, जिससे उसका चेहरा बिगड़ गया और उसे कैंसर की आख़िरी स्टेज हो गई। अर्जुन होश में आया तो तनु शेट्टी के झूठ में फँसकर तारा को ही ठुकराने लगा। आख़िरी दिनों में तारा ने दर्द सहकर त्वचा प्रत्यारोपण से नया चेहरा बनाया और तीन छोटी‑सी ख्वाहिशें मांगी। लेकिन तनु की चालें बढ़ती गईं और एक दिन सबके सामने तारा का नया चेहरा पिघल गया, और सच सामने आते ही अर्जुन की दुनिया बिखर गई।
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इस एपिसोड की समीक्षा

आखिरी सांस तक का संघर्ष

वह स्ट्रेचर पर लेटी थी, पर आँखें खुली थीं — जैसे कुछ कहना चाहती हो। रूप का धोखा अब खत्म हो रहा था, पर कहानी नहीं। शायद अगली बार वह जीत जाएगी… या शायद नहीं।

सूट वाला शैतान

वह खड़ा था जैसे राजा, पर दिल में बर्फ जमी थी। उसने देखा, पर मदद नहीं की। रूप का धोखा उसे भी छू गया — बाहर से शानदार, अंदर से खोखला। उसकी आँखों में गुस्सा नहीं, खामोशी थी… जो चीख रही थी।

सुनहरी साड़ी वाली चुड़ैल

उसकी मुस्कान में जहर था, आँखों में जीत। वह जानती थी कि वह हार चुकी है, पर फिर भी मुस्कुराई। रूप का धोखा उसके लिए खेल था — वह खेल रही थी, जबकि दूसरी रो रही थी। कितनी ठंडी है यह दुनिया!

कागज के टुकड़े, दिल के टुकड़े

जब कागज फटे, तो लगा जैसे वादे भी फट गए हों। वह जमीन पर पड़ी थी, पर उसका दर्द आसमान छू रहा था। रूप का धोखा सिर्फ चेहरे पर नहीं, रिश्तों में भी था। कौन सच्चा? कौन झूठा? सब धुंधला है।

एम्बुलेंस की सायरन, दिल की धड़कन

जब एम्बुलेंस आई, तो लगा जैसे समय रुक गया हो। वह स्ट्रेचर पर लेटी थी, पर उसकी आँखें अभी भी उसकी तरफ देख रही थीं। रूप का धोखा अब खत्म हो रहा था — शायद मौत ही आखिरी सच्चाई है।

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