जब वो अस्पताल के बिस्तर पर लेटी थी और उसकी आँखों में डर था, तो दिल रुक सा गया। सीईओ का प्यार में ऐसे सीन देखकर लगता है कि प्यार सिर्फ शब्द नहीं, बल्कि एक एहसास है जो हर पल जीता जाता है। उसकी चुप्पी में भी इतनी बातें थीं कि कोई भी रो पड़े।
वो बिस्तर पर लेटी थी, लेकिन उसकी आँखें सब कुछ कह रही थीं। सीईओ का प्यार में ऐसे मोमेंट्स देखकर लगता है कि प्यार कभी-कभी चुपचाप सहने का नाम होता है। उसकी साँसों में भी एक कहानी थी जो शब्दों से ज्यादा गहरी थी।
जब वो उसके पास बैठा था और उसकी आँखों में चिंता थी, तो लगा कि प्यार सिर्फ मुस्कान नहीं, बल्कि दर्द बाँटने का नाम भी है। सीईओ का प्यार में ऐसे सीन देखकर दिल भर आता है। वो चुप था, लेकिन उसकी चुप्पी में इतनी बातें थीं।
अस्पताल की वो चुप्पी, उसकी साँसों की आवाज़, और उसकी आँखों में छुपा डर – सब कुछ इतना असली लगा। सीईओ का प्यार में ऐसे सीन देखकर लगता है कि प्यार कभी-कभी बस साथ खड़े होने का नाम होता है। कोई डायलॉग नहीं, बस एहसास।
वो बिस्तर पर लेटी थी, लेकिन उसकी आँखों में उम्मीद थी। सीईओ का प्यार में ऐसे मोमेंट्स देखकर लगता है कि प्यार कभी-कभी बस एक नज़र में सब कुछ कह देता है। उसकी साँसों में भी एक कहानी थी जो शब्दों से ज्यादा गहरी थी।