बार का वो लाल नीयन साइन देखते ही समझ गया कि रात लंबी होने वाली है। सीईओ का प्यार में जब हीरो शराब के गिलास में अपना दर्द डुबोता है, तो दिल पसीज जाता है। उसका दोस्त बस चुपचाप देख रहा है, जैसे वो जानता हो कि अब कुछ कहना बेकार है। आखिरी में वो लड़की फोन उठाती है, शायद वही वजह है उसकी इस हालत की।
सीईओ का प्यार के इस सीन में हीरो की हालत देखकर यकीन नहीं होता। वो इतना टूट चुका है कि बार के काउंटर पर ही सो गया। लेकिन असली हीरो तो उसका दोस्त है, जो बिना कुछ बोले सब संभाल रहा है। जब वो फोन मिलाता है, तो आँखों में चिंता साफ दिख रही थी। दोस्ती की असली परिभाषा यही तो है।
लड़की के चेहरे का एक्सप्रेशन देखकर ही समझ गया कि कुछ गड़बड़ है। सीईओ का प्यार में ये सीन बहुत इमोशनल है। रात के अंधेरे में जब फोन की घंटी बजती है, तो उसकी नींद पूरी तरह उड़ जाती है। शायद उसे पता चल गया कि वो बार में अकेला नहीं है, बल्कि उसका दर्द किसी और को भी तकलीफ दे रहा है।
सीईओ का प्यार का ये सीन दिल को छू गया। बार का माहौल, खाली गिलास, और हीरो की टूटी हुई हालत। वो अपने दोस्त से कुछ कहना चाहता है, लेकिन शब्द गले में अटक जाते हैं। आखिर में जब वो काउंटर पर गिर जाता है, तो लगता है जैसे उसने हार मान ली हो। पर दोस्त का साथ हमेशा रहता है।
सीईओ का प्यार में हीरो की ये हालत देखकर सवाल उठता है कि आखिर हुआ क्या? शराब के नशे में वो सब भूलना चाहता है, लेकिन यादें और ताज़ा हो जाती हैं। जब दोस्त फोन मिलाता है, तो शायद उसी लड़की को कॉल करता है जो बिस्तर में लेटी है। दोनों के बीच की दूरी और खामोशी सब कुछ कह रही है।