जब वह बुखार से तड़प रहा था, तब भी उसकी आँखों में सिर्फ उसकी चिंता थी। सीईओ का प्यार इतना गहरा है कि दर्द भी उसे छू नहीं पाता। बिस्तर पर लेटे-लेटे भी वह उसके हाथ को थामे रहता है, जैसे कह रहा हो तुम हो तो सब ठीक है।
उसकी आँखों में वो दर्द है जो शब्दों में नहीं बयां होता। वह उसे देख रही है, और वह उसे महसूस कर रहा है - बिना कुछ कहे। सीईओ का प्यार ऐसे ही मौन पलों में जीता है। कमरे की रोशनी, तकिए के निशान, सब कुछ कहानी कह रहा है।
उसने उसका हाथ थामा, और वह जाग उठा - जैसे उसकी सांसों में उसकी धड़कन थी। सीईओ का प्यार इतना नाजुक है कि एक स्पर्श से सब बदल जाता है। वह उठकर बैठता है, आँखों में सवाल, दिल में जवाब।
रात भर वह उसके पास बैठी रही, और सुबह होते-होते वह जाग गया। सीईओ का प्यार समय नहीं देखता - बस मौजूदगी चाहता है। उसके चेहरे पर थकान, उसके दिल में राहत। यह दृश्य दिल को छू लेता है।
वह कुछ नहीं बोलती, पर उसकी आँखें सब कह देती हैं। वह दर्द में है, पर उसकी ओर देखकर मुस्कुरा देता है। सीईओ का प्यार ऐसे ही अनकहे संवादों में पलता है। हर नज़र एक कहानी, हर सांस एक वादा।