शुरुआत में दो लड़कियों को परेशान करते हुए देखकर गुस्सा आ रहा था, लेकिन जैसे ही हीरो एंट्री लेता है, सीन पलट जाता है। उसकी फाइटिंग स्टाइल और एटीट्यूड देखकर रोंगटे खड़े हो गए। सीईओ का प्यार सीरीज में ऐसे ही एक्शन सीन्स की उम्मीद थी जो बिल्कुल सही बैठे हैं। अंत में डॉक्टर वाली लड़की का आना कहानी में नया मोड़ लाता है।
जब वो बदमाश लड़कियों के साथ छेड़छाड़ कर रहे थे, तब माहौल बहुत तनावपूर्ण था। अचानक सूट पहने हीरो का आना और बिना डरे उन दोनों को पीटना कातिलाना था। खासकर वो पंच जो उसने मारा, सीधा जबड़े पर! सीईओ का प्यार में ऐसे ही हीरो की जरूरत होती है जो कमजोरों का साथ दे। हॉस्पिटल वाला सीन थोड़ा सस्पेंस बना रहा।
वीडियो के पहले हिस्से में लड़कियों का डर साफ दिख रहा था, उनकी आंखों में आंसू और कांपते हाथ दिल को छू गए। जब हीरो ने उनकी मदद की, तो एक अलग ही सुकून मिला। उसने न सिर्फ उन्हें बचाया बल्कि उनके घायल हाथ की देखभाल भी की। सीईओ का प्यार जैसी कहानियों में यही तो चाहिए, एक असली हीरो जो प्रोटेक्टर भी हो।
एक्शन के बाद सीन का हॉस्पिटल में शिफ्ट होना बहुत स्मूथ था। हीरो का वहां खड़ा होना और डॉक्टर लड़की का आना, इन दोनों के बीच की केमिस्ट्री अलग ही लेवल की है। लगता है कहानी अब रोमांस की तरफ मुड़ रही है। सीईओ का प्यार में ऐसे ट्विस्ट्स ही तो दर्शकों को बांधे रखते हैं। डायलॉग कम लेकिन आंखों की बातचीत ज्यादा असरदार थी।
उन दो गुंडों को जब हीरो ने सबक सिखाया, तो मजा आ गया। खासकर वो सीन जब हीरो ने एक को दीवार पर पटका और दूसरे को जमीन पर गिराया, एक्शन बहुत रियल लगा। लड़कियों का रिएक्शन भी बिल्कुल नेचुरल था। सीईओ का प्यार में ऐसे सीन्स की वजह से ही विलन से नफरत और हीरो से प्यार बढ़ता है। नेटशॉर्ट पर ऐसे क्लिप्स देखना बहुत मजेदार है।