सीईओ का प्यार की शुरुआत ही इतनी ड्रामेटिक होगी, यह किसी ने नहीं सोचा था। एयरपोर्ट पर वह युवक और युवती के बीच जो तनाव दिखा, वह सिर्फ एक झगड़ा नहीं, बल्कि किसी बड़े षड्यंत्र की शुरुआत लग रहा है। उनकी आंखों में छिपी चिंता और गुस्सा साफ झलक रहा है। लगता है कहानी में बहुत सारे मोड़ आने वाले हैं।
उस बुजुर्ग व्यक्ति का गुस्सा देखकर रोंगटे खड़े हो गए। वह कागजात को फाड़ते हुए जिस तरह चिल्ला रहे थे, उससे साफ है कि उनके बेटे ने कोई बहुत बड़ी गलती कर दी है। पुलिस का आना और उस युवक को गिरफ्तार करना कहानी को एक नया मोड़ देता है। सीईओ का प्यार में परिवार के रिश्तों को जिस तरह दिखाया गया है, वह दिल को छू लेता है।
पुलिस वाले दृश्य के बाद अस्पताल का दृश्य एकदम से अलग माहौल लेकर आता है। डॉक्टर और वह जोड़ा शांत बैठे हैं, लेकिन उनकी आंखों में एक अजीब सी बेचैनी है। न्यूटन का पेंडुलम चल रहा है, जैसे समय थम सा गया हो। सीईओ का प्यार में इन शांत पलों का उपयोग तनाव को और बढ़ाने के लिए किया गया है, जो बहुत प्रभावशाली है।
एक तरफ एयरपोर्ट पर प्रेमियों का झगड़ा, दूसरी तरफ एक पिता का अपने बेटे पर गुस्सा। सीईओ का प्यार ने दो बिल्कुल अलग कहानियों को एक साथ बुनने की कोशिश की है। यह देखना दिलचस्प होगा कि ये दोनों धाराएं कैसे एक दूसरे से जुड़ती हैं। हर दृश्य में एक नया सवाल खड़ा होता है, जो दर्शक को अगले एपिसोड के लिए बेताब कर देता है।
एयरपोर्ट वाले दृश्य में युवक और युवती के चेहरे के भाव देखने लायक थे। बिना ज्यादा डायलॉग के ही उन्होंने अपने किरदार की पीड़ा और गुस्से को बखूबी व्यक्त किया। वहीं, पुलिस वाले दृश्य में बुजुर्ग अभिनेता का प्रदर्शन लाजवाब था। सीईओ का प्यार के कलाकारों ने अपनी एक्टिंग से साबित कर दिया है कि वे किसी भी भावना को पर्दे पर उतार सकते हैं।