PreviousLater
Close

Dusra Janam, Pehla Badlaवां2एपिसोड

2.0K2.0K

Dusra Janam, Pehla Badla

42 saal ka Kabir Sharma successful hai, lekin uski wife Neha, boyfriend Karan ke saath affair karti hai. Anvi uski real beti hai, Riya uski fake beti hai. Karan ne Anvi ko car se maar diya aur Kabir bhi mar gaya. Phir Kabir doosri zindagi mein waapas aata hai — ek saal pehle. Is baar woh Anvi ko bachayega aur dushmano ko sabak sikhayega. Jab Neha, Karan, Riya aur Rohit 4.5 Arab ke buildings ki tod fod karte hain, toh Kabir unka account freeze karwa deta hai. Kya Kabir apni beti bacha paayega?
  • Instagram
आपके लिए अनुशंसित
सुझाव

इस एपिसोड की समीक्षा

नवीनतम

थप्पड़ का दृश्य देखकर रोंगटे खड़े हो गए

बेज रंग का जैकेट पहने आदमी की आंखों में गुस्सा साफ दिख रहा था जब उसने जैकेट पहने नौकर को जोरदार थप्पड़ मारा। यह दृश्य देखकर रोंगटे खड़े हो गए और दिल की धड़कन तेज हो गई। दूसरा जन्म, पहला बदला की कहानी में ऐसा अचानक मोड़ किसी ने नहीं सोचा था। नेटशॉर्ट अनुप्रयोग पर यह दृश्य बारबार देखने को मन करता है क्योंकि अभिनय बहुत दमदार है। रहस्य बना हुआ है कि आगे क्या होगा और कौन सच है।

नीली पोशाक वाली की हालत देखकर तरस आया

भोजन मेज पर जो तनाव था वह शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। नीली पोशाक वाली महिला की हालत देखकर बहुत तरस आया क्योंकि वह जमीन पर गिर गई और कोई मदद को नहीं आया। दूसरा जन्म, पहला बदला में ऐसे भावुक दृश्य दर्शकों को बांधे रखते हैं। पात्रों के बीच की दुश्मनी साफ झलक रही है और हर कोई एक दूसरे पर शक कर रहा है। यह धारावाहिक देखने के बाद मन बहुत भारी हो गया और अगली कड़ी देखने की बेचैनी बढ़ गई।

बैंगनी पोशाक वाली का प्रवेश धमाकेदार

बैंगनी पोशाक वाली महिला के प्रवेश ने माहौल को पूरी तरह बदल दिया। उसकी आंखों में नफरत और गुस्सा साफ दिखा। उसने नीली पोशाक वाली को धक्का दिया जो बहुत चौंकाने वाला था। दूसरा जन्म, पहला बदला की पटकथा बहुत मजबूत लग रही है। हर किरदार अपने आप में एक पहेली है। नेटशॉर्ट अनुप्रयोग पर मिलने वाली सामग्री बहुत ही गुणवत्तापूर्ण है। कहानी में उतार चढ़ाव बहुत अच्छे हैं और हर पल कुछ नया होता है।

नायक की देखभाल ने दिल जीत लिया

नायक ने जिस तरह से घरेलू सहायिका को सहारा दिया वह दिल को छू गया। वह उसे कुर्सी पर बैठने में मदद करता है और खाना परोसता है। यह देखकर लगा कि वह उसकी परवाह करता है। दूसरा जन्म, पहला बदला में प्रणय और नाटक का अच्छा मिश्रण है। बेज रंग का जैकेट पहने व्यक्ति का किरदार बहुत जिम्मेदार लग रहा है। ऐसे दृश्य दर्शकों को पसंद आते हैं। कहानी आगे बढ़ने के साथ और रोचक होती जा रही है।

तालाब किनारे का दृश्य बहुत सिनेमाई था

बाहर तालाब के पास वाला दृश्य बहुत सिनेमाई था। हवा चल रही थी और दोनों पुरुषों के बीच तनाव चरम पर था। थप्पड़ मारने के बाद जैकेट वाले का चेहरा देखने लायक था। दूसरा जन्म, पहला बदला का छायांकन भी बहुत अच्छा है। स्थान बहुत आलीशान लग रहा है। यह धारावाहिक देखने का अनुभव बहुत बेहतरीन रहा है। हर दृश्य में एक कहानी छिपी हुई है जो दर्शकों को बांधे रखती है।

मोटे कपड़े के जैकेट वाले की प्रतिक्रिया स्वाभाविक

मोटे कपड़े के जैकेट वाले लड़के की प्रतिक्रिया बहुत स्वाभाविक थी। जब वह गिरा तो लगा कि उसे चोट लगी है। सब लोग हैरान थे कि ऐसा क्यों हुआ। दूसरा जन्म, पहला बदला में हर कड़ी में नया मोड़ आता है। भोजन कक्ष का माहौल बहुत तनावपूर्ण हो गया था। दर्शक इस कहानी का हिस्सा बनकर रह जाते हैं। अभिनय इतनी असली लगती है कि विश्वास हो जाता है।

आंसू और डर का बेहतरीन अभिनय

नीली पोशाक वाली महिला की आंखों में आंसू और डर साफ दिख रहा था। वह कुछ बोलना चाहती थी लेकिन आवाज नहीं निकली। यह दृश्य बहुत भावुक था। दूसरा जन्म, पहला बदला में महिला किरदारों को बहुत मजबूती से दिखाया गया है। नेटशॉर्ट अनुप्रयोग पर ऐसे नाटक कम ही मिलते हैं। कहानी में गहराई बहुत अच्छी है। हर पल कुछ नया होने वाला है और रहस्य बना हुआ है।

रहस्यमयी किरदार की पहेली

बेज रंग का जैकेट पहने आदमी का व्यवहार बहुत रहस्यमयी है। वह कभी गुस्से में है तो कभी बहुत शांत। उसने खाना परोसा लेकिन चेहरे पर मुस्कान नहीं थी। दूसरा जन्म, पहला बदला के किरदार बहुत गहन हैं। यह पता नहीं चल रहा कि वह किसका साथ दे रहा है। रहस्य बनाए रखना इस धारावाहिक की विशेषता है। दर्शक हर पल हैरान होते रहते हैं और अंत का इंतजार करते हैं।

महिलाओं के बीच की जंग

दो महिलाओं के बीच की नोकझोंक बहुत तेज थी। बैंगनी वाली ने नीली वाली को धक्का दिया और गुस्से में चिल्लाई। यह झगड़ा किसी बड़ी वजह से हो रहा है। दूसरा जन्म, पहला बदला में रिश्तों की जंग देखने को मिल रही है। संवाद बहुत तीखे और चुभने वाले हैं। यह धारावाहिक पारिवारिक नाटक का बेहतरीन उदाहरण है। हर कोई अपनी जगह सही है और कोई पीछे नहीं हट रहा है।

अंत की बेचैनी बढ़ गई

अंत में जब सब भोजन मेज पर इकट्ठे हुए तो माहौल और खराब हो गया। नायक शांति से खाना खा रहा था जबकि вокруг शोर था। यह विरोधाभास बहुत दिलचस्प था। दूसरा जन्म, पहला बदला का अंत बहुत धमाकेदार होने वाला है। नेटशॉर्ट अनुप्रयोग पर यह श्रृंखला जरूर देखनी चाहिए। कहानी बहुत आगे तक जाती है। हर दृश्य में नया खुलासा होता है और रोमांच बढ़ता है।