PreviousLater
Close

Dusra Janam, Pehla Badlaवां35एपिसोड

2.0K2.1K

Dusra Janam, Pehla Badla

42 saal ka Kabir Sharma successful hai, lekin uski wife Neha, boyfriend Karan ke saath affair karti hai. Anvi uski real beti hai, Riya uski fake beti hai. Karan ne Anvi ko car se maar diya aur Kabir bhi mar gaya. Phir Kabir doosri zindagi mein waapas aata hai — ek saal pehle. Is baar woh Anvi ko bachayega aur dushmano ko sabak sikhayega. Jab Neha, Karan, Riya aur Rohit 4.5 Arab ke buildings ki tod fod karte hain, toh Kabir unka account freeze karwa deta hai. Kya Kabir apni beti bacha paayega?
  • Instagram
आपके लिए अनुशंसित
सुझाव

इस एपिसोड की समीक्षा

नवीनतम

सस्पेंस से भरी शुरुआत

कोट पहने उस व्यक्ति का समारोह कक्ष में प्रवेश ही कहानी की शुरुआत करता है। उसकी आँखों में एक अजीब सी बेचैनी साफ़ तौर पर दिख रही थी। वहाँ का शोर शराबा और उसका अकेलापन बिल्कुल विपरीत लग रहा था। मोबाइल उठाने का उसका तरीका बताता है कि वह किसी खास इंतज़ार में है। इस मंच पर ऐसे सस्पेंस भरे पल देखना बहुत रोमांचक होता है। आगे क्या होगा यह जानने की उत्सुकता बढ़ रही है।

बाहर का तनावपूर्ण माहौल

बाहर का दृश्य देखकर लगता है कि कहानी में बहुत बड़ा मोड़ आने वाला है। बैंगनी साड़ी वाली महिला का गुस्सा साफ़ झलक रहा था। उसने जिस तरह से उंगली उठाई, उससे लगता नहीं कि वह बातचीत करने आई थी। ग्रे कोट वाली महिला को पकड़कर रखना भी एक साजिश लग रही है। दूसरा जन्म, पहला बदला नामक नाटक में ऐसे ही तेज़ नाटक देखने को मिलते हैं।

ज़मीन पर गिरी युवती का दर्द

जब वह युवती ज़मीन पर गिरी तो सच में दिल दहल गया। उसकी आँखों में डर और हैरानी दोनों साफ़ दिख रहे थे। क्या यह सब पहले से योजना बनाकर किया जा रहा था? बुजुर्ग महिला का चुपचाप खड़े रहना भी कई सवाल खड़े करता है। कहानी की गति बहुत तेज़ है और हर पल नया खुलासा हो रहा है। दर्शक के रूप में यह जुड़ाव बहुत अच्छा लग रहा है।

मोबाइल का अहम संकेत

समारोह कक्ष में उस आदमी का मोबाइल चेक करना एक अहम संकेत है। शायद वह उसी महिला को ढूंढ रहा है जो बाहर मुसीबत में है। दोनों जगह का माहौल बिल्कुल अलग है लेकिन कहानी एक ही धागे से बंधी है। अभिनय बहुत प्राकृतिक लग रहा है खासकर गुस्से वाले दृश्यों में। ऐसे नाटक देखकर ही दिन भर की थकान उतर जाती है।

आक्रामक अंदाज़ वाली महिला

बैंगनी पोशाक वाली महिला का अंदाज़ बहुत आक्रामक था। उसका हर इशारा यह बता रहा था कि वह अपनी ताकत दिखा रही है। सामने खड़ी महिला बेचारी कुछ बोल भी नहीं पा रही थी। यह समीकरण देखकर लगता है कि आगे बहुत बड़ा बदला लेने वाली है। दूसरा जन्म, पहला बदला की कहानी में ऐसे ही किरदार अहम भूमिका निभाते हैं।

सफेद स्वेटर वाली लड़की

सफेद स्वेटर वाली लड़की की हालत देखकर बहुत तरस आया। उसे धक्का देने का तरीका बहुत क्रूर था। क्या उसने कोई गलती की थी या बस वह गलत जगह पर खड़ी थी? आसपास के लोग भी चुपचाप तमाशा देख रहे थे जो बहुत दुखद है। ऐसे सामाजिक विषयों को इस कार्यक्रम में बहुत खूबसूरती से दिखाया गया है। मुझे यह किरदार बहुत प्रभावित कर गया।

चेहरे के भाव और गुस्सा

उस आदमी के चेहरे के भाव पढ़ना बहुत मुश्किल था। कभी वह चिंतित लग रहा था तो कभी गुस्से में। शायद उसे किसी धोखे का पता चल गया है। समारोह के बीच में से उसका निकल जाना भी एक संकेत है कि वह कुछ करने वाला है। कहानी का हर मोड़ दर्शकों को बांधे रखता है। इस मंच पर ऐसी सामग्री मिलना आजकल मुश्किल हो गया है।

लड़ाई और चुप्पी का अंतर

बाहर की लड़ाई और अंदर की चुप्पी में बहुत गहरा अंतर है। शायद वह आदमी इसी लड़ाई को रोकने आ रहा होगा। या फिर वह इसका मुख्य कारण है। हर किरदार के पास छुपाने के लिए कुछ न कुछ राज हैं। दूसरा जन्म, पहला बदला में ऐसे ही रहस्य सुलझाए जाते हैं। मुझे अगली कड़ी देखने का बेसब्री से इंतज़ार है।

रिश्तों की कड़वाहट

ग्रे कोट वाली महिला की आँखों में आँसू और गुस्सा दोनों थे। वह बचाने की कोशिश कर रही थी लेकिन असमर्थ लग रही थी। यह रिश्तों की कड़वाहट को बहुत गहराई से दिखाता है। जब अपनों से ही धोखा मिले तो इंसान टूट जाता है। इस नाटक ने ऐसे ही जज़्बातों को बहुत बखूबी पकड़ा है। यह कहानी दिल को छू लेने वाली है।

रोमांचक दृश्य झलक

कुल मिलाकर यह दृश्य झलक बहुत ही रोमांचक था। हर पल में एक नया सवाल खड़ा हो रहा था। अभिनेताओं ने अपने किरदारों को बहुत जीवंत बनाया है। खासकर वह थप्पड़ मारने वाला दृश्य बहुत यादगार रहा। ऐसे नाटक देखकर ही लगता है कि कहानियाँ अभी भी जिंदा हैं। दूसरा जन्म, पहला बदला जैसे कार्यक्रम मनोरंजन का खजाना हैं।