तलाक के कागज पर दस्तखत करते समय बैंगनी पोशाक वाली का गुस्सा साफ दिख रहा था। भूरे सूट वाले शख्स की चुप्पी सब कुछ कह रही थी। इस ड्रामे में हर पल नया मोड़ आता है और दर्शक को बांधे रखता है। दूसरा जन्म, पहला बदला देखकर लगा कि बदला लेने का यह तरीका सबसे बेहतरीन है। काश मैं भी जीवन में ऐसे हिम्मत दिखा पाती और अपने हक के लिए लड़ पाती।
शुरू में ही खून से सनी लड़की को देखकर दिल दहल गया और सहानुभूति हुई। फिर बैंगनी वाली का अंदाज देखकर हैरानी हुई कि वह इतनी बेरहम कैसे हो सकती है। यह कहानी सिर्फ प्यार की नहीं, धोखे की भी है। दूसरा जन्म, पहला बदला में ऐसे सीन बार-बार देखने को मिलते हैं। एक्टिंग इतनी असली लगी कि मैं भी रो पड़ी और कहानी में खो गई।
बॉडीगार्ड्स का एंट्री जैसे ही हुआ, माहौल तनावपूर्ण हो गया और सब डर गए। स्लेटी सूट वाले की हालत खराब थी और वह कुछ बोल नहीं पा रहा था। यह शो हर एपिसोड में सस्पेंस बनाए रखता है। दूसरा जन्म, पहला बदला की कहानी में यह मोड़ सबसे जरूरी था। नेटशॉर्ट मंच पर देखने का मजा ही अलग है और दृश्य भी अच्छे हैं।
कागज वापस फेंकने वाला सीन बहुत ही दमदार था और सबकी सांसें रुक गईं। बैंगनी पोशाक वाली ने अपनी ताकत दिखा दी और सबको चौंका दिया। भूरे सूट वाले को अब पछतावा होगा कि उसने क्या खो दिया। दूसरा जन्म, पहला बदला में ऐसे डायलॉग दिल पर चोट करते हैं। मुझे यह किरदार बहुत पसंद आया और मैं इसका समर्थन करती हूं।
माथे पर चोट का निशान लेकर भी वह लड़की नहीं रुकी और आगे बढ़ती रही। इस जज्बे को सलाम है कि वह कैसे टूटी नहीं। कहानी में उतार-चढ़ाव बहुत है और हर सीन नया है। दूसरा जन्म, पहला बदला देखते वक्त समय का पता ही नहीं चला। हर किसी को यह सीरीज देखनी चाहिए क्योंकि यह प्रेरणा देती है।
जब सभी एक साथ खड़े हुए, तो लगा जैसे युद्ध होने वाला हो और माहौल गरम था। हर किरदार का अपना मकसद साफ था और कोई पीछे नहीं हटा। दूसरा जन्म, पहला बदला की पटकथा बहुत मजबूत है और लेखक ने मेहनत की है। ऐसे ड्रामे कम ही देखने को मिलते हैं आजकल। बहुत ही शानदार प्रस्तुति थी और देखने में मजा आया।
रोती हुई लड़की और गुस्से वाली का कंट्रास्ट देखने लायक था और दिल को छू गया। भावनाओं का यह खेल बहुत गहरा है और समझना मुश्किल है। दूसरा जन्म, पहला बदला में रिश्तों की सच्चाई सामने आती है। मुझे यह कहानी बहुत प्रभावित कर गई और मैं सोच में पड़ गई। यह सिर्फ मनोरंजन नहीं, सबक भी है।
सिग्नेचर करते हाथ कांप नहीं रहे थे, यह दिखाता है कि वह कितनी तैयार थी और दृढ़ थी। भूरे सूट वाले की आंखों में अफसोस था और वह चुप था। दूसरा जन्म, पहला बदला का यह सीन यादगार बन गया और बार-बार देखने को जी चाहता है। दृश्य की गुणवत्ता भी बहुत अच्छी है और साउंड इफेक्ट्स भी बेहतरीन हैं।
अंत में जब सब कुछ बिखर गया, तो लगा कि अब क्या होगा और कहानी कहाँ जाएगी। स्लेटी सूट वाले की चीखें सुनकर बुरा लगा और दर्द हुआ। दूसरा जन्म, पहला बदला में हर किरदार ने जान डाल दी है और मेहनत की है। यह कहानी लंबे समय तक याद रहेगी और चर्चा में रहेगी। मुझे अगला भाग देखने की जल्दी है।
प्यार और नफरत की यह लड़ाई बहुत तेज रफ्तार से बढ़ी और कोई नहीं रुका। बैंगनी वाली की जीत हुई या हार, यह तो आगे पता चलेगा और सस्पेंस बना है। दूसरा जन्म, पहला बदला का अगला एपिसोड का इंतजार है। नेटशॉर्ट एप्लिकेशन पर यह सबसे बेस्ट सीरीज है और मैं फैन हो गई हूं। सबको जरूर देखना चाहिए।
इस एपिसोड की समीक्षा
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