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Dusra Janam, Pehla Badlaवां8एपिसोड

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Dusra Janam, Pehla Badla

42 saal ka Kabir Sharma successful hai, lekin uski wife Neha, boyfriend Karan ke saath affair karti hai. Anvi uski real beti hai, Riya uski fake beti hai. Karan ne Anvi ko car se maar diya aur Kabir bhi mar gaya. Phir Kabir doosri zindagi mein waapas aata hai — ek saal pehle. Is baar woh Anvi ko bachayega aur dushmano ko sabak sikhayega. Jab Neha, Karan, Riya aur Rohit 4.5 Arab ke buildings ki tod fod karte hain, toh Kabir unka account freeze karwa deta hai. Kya Kabir apni beti bacha paayega?
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इस एपिसोड की समीक्षा

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ऑफिस का ड्रामा देखने लायक है

जब सब लोग खुश होकर हाथ मिला रहे थे, तब वो काला शर्ट वाला शांत बैठा था। उसकी आँखों में गुस्सा साफ़ दिख रहा था। ऐसा लगता है कि कहानी में बड़ा ट्विस्ट आने वाला है। भुगतान मशीन का रकम देख कर हैरानी हुई। दूसरा जन्म, पहला बदला में ऐसे ही सस्पेंस होते हैं। नेटशॉर्ट ऐप पर देखा तो मज़ा आ गया।

पैसे का खेल कुछ अलग है

पर्पल शर्ट वाली लेडी ने जब साइन किया, तब सबकी सांसें रुक गई थीं। मैनेजर का चेहरा देखने लायक था जब लेनदेन प्रक्रिया हुआ। इतनी बड़ी रकम का सौदा आसानी से नहीं होता। कुछ गड़बड़ ज़रूर होने वाली है। कहानी का प्रवाह बहुत तेज़ है और हर दृश्य में नई जांच है।

एक्टिंग सबकी ज़बरदस्त लगी

बीज रंग के सूट वाले भाई की हंसी नकली लग रही थी मुझे। वो कुछ छुपा रहे हैं। और वो जो काले चमड़े का जैकेट वाला था, उसका रिएक्शन भी संदिग्ध था। सब मिल कर कुछ प्लान कर रहे हैं जो काला शर्ट वाले को पसंद नहीं आ रहा। ये दूसरा जन्म, पहला बदला वाली फीलिंग हर फ्रेम में है।

लेनदेन रुकने का झटका

जब मशीन पर लिखा आया कि कार्ड डिक्लाइन हो गया, तब सबके चेहरे उतर गए। पहले इतनी खुशी थी और अब सन्नाटा छा गया। ये इमोशनल रोलरकोस्टर देखने में बहुत मज़ा देता है। निर्देशक ने कैमरा एंगल्स का अच्छा इस्तेमाल किया है क्लोज़अप के लिए।

बॉस का एटीट्यूड अलग ही है

कुर्सी पर बैठा हुआ बॉस सबको देख रहा था बिना कुछ बोले। उसकी चुप्पी सबसे ज़्यादा शोर मचा रही थी। जब उसने मुट्ठी बंद की, तब समझ गया कि अब वो चुप नहीं बैठेंगे। वो जानता है कि कुछ गड़बड़ है। ताकत का संतुलन ऑफिस में कैसे बदलता है, ये दिखाना अच्छा लगा।

साइन वाला सीन क्रिटिकल था

पेन पकड़ने का तरीका और साइन करने का अंदाज़, सब कुछ बहुत कैलकुलेटेड लग रहा था। पर्पल ब्लॉउज वाली कॉन्फिडेंट थी पर अंदर से घबराई हुई लग रही थी। ऐसे डिटेल्स ही दूसरा जन्म, पहला बदला को बाकी शो से अलग बनाते हैं। नेटशॉर्ट ऐप पर लगातार देखने का मन करता है।

ग्रुप केमिस्ट्री इंटरेस्टिंग है

शुरू में सब एक दूसरे के साथ खड़े होकर हंस रहे थे, जैसे टीम हो। लेकिन जब पैसा आया तो सबके चेहरे बदल गए। दोस्ती और फायदे का रिश्ता कितना नाज़ुक होता है, ये सीन अच्छे से दिखाता है। मुझे ये झगड़ा बहुत पसंद आया जो धीरे धीरे तैयार हुआ।

रकम देख कर होश उड़ गए

पैंतालीस करोड़ का नंबर पर्दे पर देखा तो मैं भी शॉक रह गया। इतनी बड़ी रकम का सवाल है तो जोखिम भी बड़ा होगा। मैनेजर का पसीना पोंछना और बार बार मशीन जांचना असली लगा। ये घबराहट बनाए रखती है दर्शकों को बांधे।

ट्विस्ट की उम्मीद बढ़ गई है

अब तक जो हुआ उससे लगता है कि काला शर्ट वाला नायक होने वाला है जो सबका भंडा फोड़ेगा। बाकी सब खलनायक लग रहे हैं जो मिल कर साजिश कर रहे हैं। आगे क्या होगा ये जानने के लिए अगली कड़ी देखनी पड़ेगी। कहानी में दम है और दमदार है।

अंत के दृश्य ने हिला कर रख दिया

जब सबको लगा सब सही हो गया, तब मशीन ने गलती दिखाई। ये अंत नहीं है पर मोड़ ज़रूर है। सबकी आँखें फटी की फटी रह गईं। ऐसे दृश्य ही दूसरा जन्म, पहला बदला को हिट बनाते हैं। मुझे ये कहानी बहुत पसंद आ रही है अब तक।