PreviousLater
Close

Dusra Janam, Pehla Badlaवां44एपिसोड

2.0K2.1K

Dusra Janam, Pehla Badla

42 saal ka Kabir Sharma successful hai, lekin uski wife Neha, boyfriend Karan ke saath affair karti hai. Anvi uski real beti hai, Riya uski fake beti hai. Karan ne Anvi ko car se maar diya aur Kabir bhi mar gaya. Phir Kabir doosri zindagi mein waapas aata hai — ek saal pehle. Is baar woh Anvi ko bachayega aur dushmano ko sabak sikhayega. Jab Neha, Karan, Riya aur Rohit 4.5 Arab ke buildings ki tod fod karte hain, toh Kabir unka account freeze karwa deta hai. Kya Kabir apni beti bacha paayega?
  • Instagram
आपके लिए अनुशंसित
सुझाव

इस एपिसोड की समीक्षा

नवीनतम

कमरे की गंदगी और सूट की चमक

इस दृश्य में विपरीत ध्रुवों का मिलन देखने को मिलता है। एक तरफ सादे बन खाती हुई लड़की है, तो दूसरी तरफ महंगे सूट में सजा वह शख्स। कमरे की हालत देखकर लगता है कि जीवन संघर्षपूर्ण है, फिर भी दूसरा जन्म, पहला बदला की कहानी में उम्मीद की किरण दिखाई देती है। जब वह उसके कंधे पर हाथ रखता है, तो लगता है सब ठीक हो जाएगा।

आंखों में छुपा दर्द

लड़की की आंखों में जो उदासी है, वह शब्दों से कहीं ज्यादा बयां कर रही है। वह शख्स उसे समझाने की कोशिश कर रहा है, पर क्या वाकई सब ठीक हो पाएगा। आईने में खुद को देखते वक्त जो भाव आए, वो दिल को छू गए। दूसरा जन्म, पहला बदला में ऐसे पल ही जान डालते हैं। अभिनय बहुत स्वाभाविक लगा।

चुप्पी का शोर

बातचीत से ज्यादा खामोशी इस सीन में भारी लग रही थी। जब वह लड़का उसके पास बैठता है, तो हवा में एक अलग ही तनाव होता है। बन का पैकेट और बिखरी चीजें कहानी का हिस्सा बन गई हैं। दूसरा जन्म, पहला बदला की यह झलक बहुत गहरी है। मुझे यह सादगी बहुत पसंद आई, नेटशॉर्ट पर ऐसे वीडियो मिलना दुर्लभ है।

रिश्तों की बारीकियां

सिर्फ हाथ पकड़ना या कंधे पर हाथ रखना ही काफी होता है कभी-कभी। इस वीडियो में वही दिखाया गया है। महंगे कपड़े और सादा कमरा, दोनों के बीच का फासला मिटता हुआ दिख रहा है। दूसरा जन्म, पहला बदला में रिश्तों की यह गतिशीलता बहुत खूबसूरत लगी। मुझे यह जोड़ी बहुत जच रही है।

टूटे हुए शीशे का सच

जब उसने आईना उठाया, तो लगा जैसे वह अपने अंदर को देख रही हो। बाहर का शोर कमरे के अंदर नहीं आ पा रहा। वह शख्स उसके दर्द को बांटने आया है। दूसरा जन्म, पहला बदला की कहानी में यह मोड़ बहुत अहम है। मुझे यह दृश्य बहुत प्रभावशाली लगा, बिल्कुल असली जीवन जैसा।

संघर्ष और उम्मीद

दीवारों के छिलके और बिखरा सामान जीवन के संघर्ष को दिखाते हैं। पर उस शख्स की आंखों में एक वादा है। लड़की का धीरे से मुस्कुराना सब कुछ बदल देता है। दूसरा जन्म, पहला बदला में यही उम्मीद की बात है। मुझे यह सीन बहुत पसंद आया, दिल को छू गया।

भावनाओं का खेल

शुरू में जो तनाव था, वह धीरे-धीरे प्यार में बदल गया। जब उसने उसका हाथ थामा, तो लगा जैसे समय थम गया हो। कमरे की गंदगी अब मायने नहीं रखती। दूसरा जन्म, पहला बदला में ऐसे पल देखने को मिलते हैं जो याद रह जाते हैं। नेटशॉर्ट प्लेटफॉर्म का अनुभव भी अच्छा रहा।

सादगी में खूबसूरती

महंगे कपड़ों में भी वह शख्स कितना सादा लग रहा है जब वह उसके पास बैठता है। लड़की की काली पोशाक और उसका उदास चेहरा। दूसरा जन्म, पहला बदला की यह झलक बहुत खास है। मुझे यह कलाकारों की जुगलबंदी बहुत पसंद आई, बिल्कुल असली लगती है।

चुप्पी में बातें

कभी-कभी शब्दों की जरूरत नहीं होती, बस साथ होना काफी है। इस वीडियो में वही दिखाया गया है। वह शख्स चुपचाप उसके दर्द को समझ रहा है। दूसरा जन्म, पहला बदला में यह खामोशी बहुत शोर मचाती है। मुझे यह दृश्य बहुत गहरा लगा।

नई शुरुआत का संकेत

बिखरे हुए कमरे में भी एक नई शुरुआत की उम्मीद दिख रही है। जब वह दोनों पास बैठते हैं, तो लगता है सब ठीक हो जाएगा। दूसरा जन्म, पहला बदला की कहानी में यह पल बहुत मायने रखता है। मुझे यह वीडियो बहुत पसंद आया, दिल को सुकून मिला।