लाल साड़ी वाली महिला का घमंड देखकर गुस्सा आ रहा है। शोरूम में सेल्सगर्ल के साथ जो व्यवहार हुआ, वह बिल्कुल सही नहीं था। अमीर होने का मतलब यह नहीं कि किसी को भी थप्पड़ मारा जाए। इस धारावाहिक दूसरा जन्म, पहला बदला में वर्ग अंतर बहुत अच्छे से दिखाया गया है। काश वह लड़की चुप न रहती और जवाब देती। आगे क्या होगा देखने को उत्सुक हूं। हर दृश्य में नया मोड़ है।
कार शोरूम का दृश्य बहुत ही नाटकीय था। भूरे सूट वाला आदमी चुपचाप सब देख रहा था, शायद उसे भी अपनी पत्नी की हरकतों पर शर्म आ रही होगी। बुजुर्ग महिला के चेहरे पर चिंता साफ झलक रही थी। दूसरा जन्म, पहला बदला की कहानी में हर किरदार की अपनी मजबूरी है। मुझे लगता है कि नीली पोशाक वाली लड़की ही असली नायिका साबित होगी। उसकी आंखों में आंसू थे।
सेल्सगर्ल के साथ हुई बदतमीजी सहन नहीं हुई। अमीर लोग अक्सर अपनी ताकत का गलत इस्तेमाल करते हैं। इस कार्यक्रम में जो टकराव दिखाया गया है, वह समाज की कड़वी सच्चाई है। दूसरा जन्म, पहला बदला का नाम ही बताता है कि बदला जरूर मिलेगा। मैंने इस प्लेटफॉर्म पर कई धारावाहिक देखे हैं, पर यह सबसे अलग लग रहा है। गुणवत्ता बहुत अच्छी है।
पीले कोट वाला लड़का और सफेद स्वेटर वाली लड़की सब कुछ चुपचाप देख रहे थे। शायद वे भी इस अमीर परिवार का हिस्सा हैं या फिर गवाह बनकर रह गए। मारून पोशाक वाली महिला की एंट्री ही ऐसी थी जैसे पूरी शोरूम उसकी हो। दूसरा जन्म, पहला बदला में भावनात्मक नाटक बहुत तेज रफ्तार से बढ़ रहा है। हर कड़ी के बाद हैरानी होती है। मुझे बहुत पसंद आ रहा है।
बाहर वाले दृश्य में ही साफ हो गया था कि इस परिवार में कितनी कड़वाहट है। नीली पोशाक वाली लड़की की आंखों में आंसू थे, पर वह कुछ बोल नहीं पा रही थी। यह चुप्पी सबसे ज्यादा दर्दनाक लग रही थी। दूसरा जन्म, पहला बदला की कहानी बहुत ही मजबूत है। मुझे उम्मीद है कि जल्द ही उसे इंसाफ मिलेगा और सबकी आंखें खुलेंगी। कहानी बहुत गहरी है।
लग्जरी कारों के बीच यह लड़ाई बहुत ही दिलचस्प थी। लाल रंग की कार और नीली कार के बीच खड़े होकर जो संवाद हुए, वे कांटेदार थे। सेल्सगर्ल की बेचारी कुछ बस नहीं चली। दूसरा जन्म, पहला बदला में दिखाया गया हर दृश्य दर्शकों को बांधे रखता है। मुझे यह किरदार बहुत पसंद आ रहे हैं, खासकर वह बुजुर्ग महिला जो सब संभाल रही हैं। अभिनय लाजवाब है।
थप्पड़ मारने वाला दृश्य देखकर मैं हैरान रह गया। इतनी आसानी से किसी को मारा नहीं जा सकता। कानून सबके लिए बराबर होना चाहिए, चाहे कोई अमीर हो या गरीब। इस धारावाहिक दूसरा जन्म, पहला बदला में न्याय की उम्मीद बनी हुई है। मुझे लगता है कि वह आदमी बाद में पछताएगा जब उसे सच्चाई का पता चलेगा। बहुत ही रोमांचक कहानी चल रही है। देखने में मजा आ रहा है।
कपड़ों के रंग से ही किरदारों की पहचान हो रही थी। लाल रंग का मतलब गुस्सा और खतरा, जबकि नीला रंग शांति और मासूमियत। यह प्रतीकवाद बहुत अच्छा लगा। दूसरा जन्म, पहला बदला में छोटी-छोटी चीजों का ध्यान रखा गया है। मुझे यह कार्यक्रम देखकर बहुत अच्छा लग रहा है। काश ऐसे ही गुणवत्ता वाली सामग्री हमें और मिलता रहे। निर्देशन बहुत अच्छा है।
परिवार के बीच की यह खींचतान बहुत ही असली लग रही थी। सास और बहू के बीच का तनाव साफ झलक रहा था। शोरूम में आकर भी यह लड़ाई खत्म नहीं हुई। दूसरा जन्म, पहला बदला की वजह से मेरा छुट्टियों का समय बहुत अच्छा कट रहा है। मैं हर दिन नई कड़ी का इंतजार करता हूं। किरदारों का अभिनय भी बहुत स्वाभाविक और दमदार लग रहा है। सबको देखना चाहिए।
अंत में जो मोड़ आया, उसने सबकी सांसें रोक दीं। क्या सच में वह लड़की चुप रहेगी? मुझे नहीं लगता। बदला लेने का समय आ गया है। दूसरा जन्म, पहला बदला का अंत बहुत ही शानदार होने वाला है। मैंने अपने दोस्तों को भी यह कार्यक्रम देखने के लिए कहा है। सबको यह कहानी बहुत पसंद आ रही है और चर्चा का विषय बनी हुई है। बहुत ही बेहतरीन कार्यक्रम है।
इस एपिसोड की समीक्षा
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