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Dusra Janam, Pehla Badlaवां28एपिसोड

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Dusra Janam, Pehla Badla

42 saal ka Kabir Sharma successful hai, lekin uski wife Neha, boyfriend Karan ke saath affair karti hai. Anvi uski real beti hai, Riya uski fake beti hai. Karan ne Anvi ko car se maar diya aur Kabir bhi mar gaya. Phir Kabir doosri zindagi mein waapas aata hai — ek saal pehle. Is baar woh Anvi ko bachayega aur dushmano ko sabak sikhayega. Jab Neha, Karan, Riya aur Rohit 4.5 Arab ke buildings ki tod fod karte hain, toh Kabir unka account freeze karwa deta hai. Kya Kabir apni beti bacha paayega?
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इस एपिसोड की समीक्षा

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विक्रय कर्मी की बेज्जती

इस दृश्य में विक्रय कर्मी के चेहरे पर थप्पड़ का निशान साफ दिख रहा है। अमीर औरत का घमंड देखकर गुस्सा आता है। पर लगता है कहानी में मोड़ आएगा। नाटक बहुत तेज है। दूसरा जन्म, पहला बदला में ऐसे दृश्य दिल दहला देते हैं। काश कोई उस लड़की के लिए खड़ा हो जाए। बहुत ही भावुक कर देने वाला पल है जो हर किसी को सोचने पर मजबूर कर देता है। नौकरी करने वालों का सम्मान होना चाहिए।

माता जी का गुस्सा

बुजुर्ग महिला के प्रवेश ने सबका खेल बदल दिया। उनकी आंखों में गुस्सा और आवाज में दबदबा साफ झलक रहा था। लगता है वो इस घमंडी जोड़े को सबक सिखाने आई हैं। दूसरा जन्म, पहला बदला की कहानी में परिवार की इज्जत सबसे ऊपर है। यह दृश्य देखकर रोंगटे खड़े हो गए। उनकी बातों में वजन था और सब चुप हो गए। बड़ों का احترام जरूरी है।

अमीरी का नशा

लाल पोशाक वाली औरत का व्यवहार बहुत खराब था। उसे लगता है पैसे से सब खरीद सकती है। पर प्यार और इज्जत नहीं खरीदी जा सकती। उस आदमी को भी अपनी औरत को संभालना चाहिए था। दूसरा जन्म, पहला बदला में ऐसे किरदार नफरत के काबिल हैं। अंत में इनकी पोल खुलेगी जरूर। धन का अहंकार इंसान को अंधा कर देता है। इंसानियत बड़ी चीज है।

नीली पोशाक वाली मासूम

हल्के नीले कपड़ों वाली लड़की बहुत मासूम लग रही थी। उसकी आंखों में आंसू थे पर वो चुप रही। शायद वो कोई बड़ा राज जानती है। दूरभाष में कुछ रिकॉर्ड किया होगा। दूसरा जन्म, पहला बदला में ऐसे किरदार ही असली नायक होते हैं। धैर्य का फल मीठा होता है। उसकी चुप्पी शोर मचा रही थी। सच्चाई सामने आएगी।

प्रदर्शनी कक्ष का तनाव

आलीशान कारों के बीच यह झगड़ा बहुत अजीब लग रहा था। ग्राहक और स्टाफ के बीच की दूरी साफ दिख रही है। कैमरा कोण ने तनाव को अच्छे से पकड़ा है। दूसरा जन्म, पहला बदला का मंच सजावट बहुत यथार्थवादी है। हर किसी के चेहरे के भाव बदल रहे थे। माहौल में तनाव साफ महसूस किया जा सकता है। कला का जादू चल रहा है।

आम लोग भी देख रहे

पीछे खड़े दंपति हैरान था कि क्या हो रहा है। वो शायद इस सब से अनजान थे। उनकी प्रतिक्रिया आम दर्शक जैसी थी। जब बड़े लोग लड़ते हैं तो छोटे लोग परेशान होते हैं। दूसरा जन्म, पहला बदला में हर किरदार का अपना महत्व है। यह दृश्य बहुत गहराई से बना है। सामान्य लोग भी इसका हिस्सा बन गए। सबकी नजरें जुड़ी हैं।

बदला जरूर मिलेगा

इस दृश्य में बदले की आग साफ दिख रही है। जो आज रो रहा है कल वही राज करेगा। कहानी की रफ्तार बहुत तेज है। हर दृश्य में कुछ नया होता है। दूसरा जन्म, पहला बदला का नाम ही इसकी कहानी बताता है। इंतजार करें कि अगली कड़ी में क्या होता है। न्याय की देरी हो सकती है पर अन्याय नहीं। सच की जीत होगी।

दिल को छू लेने वाला

विक्रय कर्मी की बेचारी देखकर दिल दुखी हो गया। कोई भी इंसान के साथ ऐसा व्यवहार नहीं होना चाहिए। अमीरी इंसानियत से बड़ी नहीं होती। दूसरा जन्म, पहला बदला ने समाज का आईना दिखाया है। ऐसे दृश्य सोचने पर मजबूर कर देते हैं। हमें सबकी इज्जत करनी चाहिए। यह सीख बहुत जरूरी है। सेवा भाव होना चाहिए।

अभिनय बहुत शानदार

सभी कलाकारों ने अपने किरदार को बहुत अच्छे से निभाया है। खासकर बुजुर्ग महिला का गुस्सा असली लग रहा था। संवाद भी दमदार थे। दूसरा जन्म, पहला बदला का दल मेहनत कर रहा है। ऐसे दृश्य बार बार देखने को मन करता है। कलाकारों की मेहनत रंग ला रही है। प्रशंसा के पात्र हैं सभी। तारीफ करने को जी चाहता है।

कहानी में बड़ा मोड़

लग रहा था कि अमीर लोग जीत जाएंगे पर बुजुर्ग महिला ने सब पलट दिया। यह कहानी का सबसे बड़ा मोड़ हो सकता है। शक्ति संतुलन बदल गया है। दूसरा जन्म, पहला बदला में ऐसे मोड़ बहुत आते हैं। अब देखना है आगे क्या होता है। कहानी में रोमांच बना हुआ है। अंत अच्छा होगा। उम्मीद बनी हुई है।

Dusra Janam, Pehla Badla एपिसोड 28 - Netshort