काली शर्ट वाले व्यक्ति की शांति देखकर हैरानी हुई। गुस्से में चिल्लाते हुए प्रबंधक के सामने वह बिल्कुल स्थिर खड़ा था। ऑफिस का माहौल बहुत तनावपूर्ण लग रहा था। दूसरा जन्म, पहला बदला की कहानी में यह मोड़ बहुत महत्वपूर्ण लगता है। सभी कर्मचारी डरे हुए थे और कुछ बोलने की हिम्मत नहीं कर रहे थे। यह शक्ति का खेल बहुत गहरा है।
नीली सूट वाले व्यक्ति का गुस्सा साफ दिखाई दे रहा था। वह बार बार उंगली उठाकर किसी को डांट रहा था। लेकिन सामने खड़ी बैंगनी ब्लाउज वाली महिला बिल्कुल नहीं डरी। उसकी आंखों में एक अलग ही चमक थी। दूसरा जन्म, पहला बदला में ऐसे दृश्य दर्शकों को बांधे रखते हैं। कंपनी की राजनीति का यह नंगा नाच बहुत रोचक लग रहा है।
बीज रंग की सूट वाली लड़की के चेहरे के भाव बहुत बदलते रहे। कभी वह चिंतित लग रही थी तो कभी गुस्से में बात कर रही थी। ऑफिस की इस लड़ाई में सबकी अपनी मजबूरी है। दूसरा जन्म, पहला बदला की पटकथा बहुत मजबूत लग रही है। हर किरदार की अपनी एक अलग पहचान है जो स्क्रीन पर साफ झलकती है।
चश्मे वाले व्यक्ति ने जब बात की तो सबकी नजर उस पर थी। वह बहुत आत्मविश्वास के साथ खड़ा था। पीछे खड़े कर्मचारी बस तमाशबीन बने हुए थे। दूसरा जन्म, पहला बदला में हर सीन में एक नया मोड़ है। यह ऑफिस नाटक अब बहुत आगे बढ़ने वाला है। मुझे अगला एपिसोड देखने की जल्दी है।
काली शर्ट वाले ने जब कुर्सी पर बैठकर पैर फैलाए तो लग गया कि असली मालिक वही है। नीली सूट वाला बस शोर मचा रहा था। सत्ता का संतुलन का यह बदलाव बहुत शानदार था। दूसरा जन्म, पहला बदला की कहानी बहुत पकड़ बनाए रखती है। ऐसे सीन देखकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं।
बैंगनी ब्लाउज वाली महिला की शारीरिक भाषा बहुत मजबूत थी। उसने बांहें जोड़कर खड़े होकर सबको चुनौती दी। उसकी आंखों में गुस्सा और ठंडक दोनों थी। दूसरा जन्म, पहला बदला में महिला किरदार बहुत मजबूत दिखाए गए हैं। यह बराबरी की लड़ाई बहुत रोमांचक लग रही है।
ऑफिस के इस खुली जगह में सब कुछ साफ दिखाई दे रहा था। कांच की दीवारें पारदर्शिता दिखाती हैं लेकिन दिलों में छुपाव है। दूसरा जन्म, पहला बदला का सेट डिजाइन बहुत आधुनिक है। किरदारों के कपड़े भी उनकी हैसियत बता रहे हैं। हर बारीकी पर ध्यान दिया गया है जो कहानी को बढ़ाता है।
जब नीली सूट वाले ने जोर से इशारा किया तो सब चौंक गए। लेकिन काली शर्ट वाले ने पलक भी नहीं झपकाई। यह धैर्य ही उसकी ताकत है। दूसरा जन्म, पहला बदला में धैर्य और गुस्से की लड़ाई चल रही है। कौन जीतेगा यह देखना बहुत दिलचस्प होगा। मुझे यह संघर्ष बहुत पसंद आया।
पीछे खड़ी सफेद शर्ट वाली लड़की बहुत डरी हुई लग रही थी। उसके हाथ में फाइल थी और वह कुछ बोल नहीं पा रही थी। आम कर्मचारियों की यह हालत बहुत दर्दनाक है। दूसरा जन्म, पहला बदला में छोटे किरदार भी असर छोड़ते हैं। यह реалиस्टिक ऑफिस माहौल बहुत अच्छे से दिखाया गया है।
अंत में जब सब शांत हुए तो काली शर्ट वाले की मुस्कान देखने वाली थी। वह जानता था कि जीत उसकी हुई है। दूसरा जन्म, पहला बदला का यह अंत बहुत संतोषजनक था। ऐसे नाटक देखकर मन हल्का हो जाता है। मैं इस शो का बड़ा प्रशंसक बन गया हूं। नेटशॉर्ट पर यह श्रेष्ठ है।
इस एपिसोड की समीक्षा
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