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Dusra Janam, Pehla Badlaवां43एपिसोड

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Dusra Janam, Pehla Badla

42 saal ka Kabir Sharma successful hai, lekin uski wife Neha, boyfriend Karan ke saath affair karti hai. Anvi uski real beti hai, Riya uski fake beti hai. Karan ne Anvi ko car se maar diya aur Kabir bhi mar gaya. Phir Kabir doosri zindagi mein waapas aata hai — ek saal pehle. Is baar woh Anvi ko bachayega aur dushmano ko sabak sikhayega. Jab Neha, Karan, Riya aur Rohit 4.5 Arab ke buildings ki tod fod karte hain, toh Kabir unka account freeze karwa deta hai. Kya Kabir apni beti bacha paayega?
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इस एपिसोड की समीक्षा

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कॉरिडोर में सस्पेंस

शुरुआत से ही कॉरिडोर में उस शख्स की बेचैनी देखकर लग रहा था कि कुछ गड़बड़ है। दरवाजे के पास खड़ा होकर वो जो देख रहा था, उसने कहानी में एक अलग ही मोड़ दे दिया। दूसरा जन्म, पहला बदला का ये सीन बहुत तनावपूर्ण है। कमरे के अंदर की हालत देखकर हैरानी हुई। नायिका के चेहरे के भाव बता रहे हैं कि वो किसी मुसीबत में है। खाने का वो पैकेट और उसका रिएक्शन सब कुछ बता रहा है। ये ड्रामा देखने वाले को बांधे रखता है। हर फ्रेम में एक नया सवाल खड़ा होता है। मैं नेटशॉर्ट ऐप पर ये सीरीज देख रहा हूं और कायल हो गया हूं। आगे क्या होगा ये जानने की उत्सुकता बढ़ गई है। बहुत ही शानदार प्रदर्शन है।

उदास कमरे की कहानी

काली ड्रेस वाली नायिका का दुख भरा चेहरा देखकर दिल पसीज गया। वो बाउजी खा रही थी लेकिन उसका स्वाद शायद कड़वा लग रहा था। सूट वाला व्यक्ति जब अंदर आया तो उसके चेहरे पर हैरानी साफ थी। दूसरा जन्म, पहला बदला में ऐसे सीन बहुत गहराई से दिखाए गए हैं। कमरे का माहौल काफी उदास लग रहा था। बिस्तर पर बिखरी चीजें और वो प्लास्टिक का थैला सब कुछ कहानी कह रहा है। लगता है कि इन दोनों के बीच कोई पुरानी कहानी है। अभिनेता की आंखों में जो दर्द है वो लाजवाब है। मैं इस कहानी का अगला हिस्सा देखने के लिए बेताब हूं। नेटशॉर्ट पर मिली ये झलक बहुत खास है।

दरवाजे के पीछे राज

वीडियो की शुरुआत में ही सस्पेंस बना दिया गया है। होटल के गलियारे में चलते हुए उस शख्स की नजरें कुछ ढूंढ रही थीं। जब वो दरवाजे के पास पहुंचा तो सांसें थम सी गईं। दूसरा जन्म, पहला बदला की कहानी में ये पल बहुत अहम है। अंदर बैठे हुए व्यक्ति को खाने में कोई दिक्कत लग रही थी। उसने बाउजी का टुकड़ा मुंह में रखा लेकिन चेहरा बिगड़ गया। ये छोटी छोटी डिटेल्स ही ड्रामे को असली बनाती हैं। मुझे लगता है कि ये दोनों एक दूसरे को बहुत पहले से जानते हैं। नेटशॉर्ट ऐप का इंटरफेस भी बहुत अच्छा है। वीडियो क्वालिटी और एक्टिंग दोनों बेहतरीन हैं।

खामोशी का शोर

इस सीन में जो भावनात्मक तनाव है वो काबिले तारीफ है। सूट पहने हुए शख्स का दरवाजे को छूना और अंदर झांकना बहुत मायने रखता है। दूसरा जन्म, पहला बदला में ऐसे ड्रामेटिक मोड़ बहुत आते हैं। कमरे के अंदर की लड़की उदास लग रही थी। उसके हाथ में खाने का थैला था लेकिन वो खुश नहीं लग रही थी। जब वो शख्स अंदर आया तो दोनों की नजरें मिलीं। उस पल की खामोशी बहुत शोर मचा रही थी। मुझे ये ड्रामा नेटशॉर्ट ऐप पर देखकर बहुत अच्छा लगा। कहानी की गहराई और किरदारों की मजबूरी साफ झलकती है। आगे की कहानी जानने की इच्छा हो रही है।

कॉस्ट्यूम और माहौल

होटल के कमरे का माहौल और वहां की सजावट काफी रियलिस्टिक लग रही थी। उस शख्स के कपड़े और उसका स्टार वाला पिन बहुत क्लासी लग रहा था। दूसरा जन्म, पहला बदला में कॉस्ट्यूम डिजाइन पर भी ध्यान दिया गया है। अंदर बैठे हुए व्यक्ति ने जब खाना खाया तो उसका रिएक्शन बहुत नेचुरल था। लगता है कि वो खाना पुराना या खराब था। सूट वाले शख्स की एंट्री ने माहौल को बदल दिया। ये ड्रामा दर्शकों को सोचने पर मजबूर कर देता है। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे कंटेंट मिलना सुखद है। मैं हर एपिसोड का इंतजार कर रहा हूं। ये कहानी दिल को छू लेती है।

जल्दबाजी और डर

वीडियो में दिखाया गया हर पल बहुत मायने रखता है। कॉरिडोर में चलते हुए उस शख्स की चाल में एक जल्दबाजी थी। दूसरा जन्म, पहला बदला की रफ्तार बहुत सही है। जब वो दरवाजे के पास रुका तो लगा कि वो किसी से डर रहा है। अंदर बैठे हुए व्यक्ति के चेहरे पर निराशा साफ थी। उसने बाउजी को ऐसे देखा जैसे वो जहर हो। ये सीन बताता है कि उनकी जिंदगी में क्या चल रहा है। मुझे नेटशॉर्ट ऐप पर ये सीरीज मिली और मैं हैरान रह गया। एक्टिंग इतनी असली लगती है कि हम खुद को उस स्थिति में पाते हैं। बहुत ही शानदार काम है।

मिस्ट्री और अफसर

इस ड्रामे में जो मिस्ट्री है वो दर्शकों को बांधे रखती है। सूट वाले शख्स का चेहरा देखकर लगता है कि वो कोई बड़ा अफसर है। दूसरा जन्म, पहला बदला में किरदारों की लेयरिंग बहुत अच्छी है। कमरे के अंदर की हालत देखकर लगता है कि वहां कोई त्योहार नहीं मना। उसके हाथ में प्लास्टिक का थैला और उसमें खाना साधारण लग रहा था। जब वो शख्स अंदर आया तो सन्नाटा छा गया। ये खामोशी सबसे ज्यादा शोर मचा रही थी। नेटशॉर्ट ऐप पर वीडियो देखने का अनुभव बहुत अच्छा है। कहानी में दम है और वो दर्शकों को जोड़े रखती है।

चश्मे वाली शख्सियत

वीडियो की शुरुआत से ही एक अलग ही एनर्जी है। उस शख्स के चश्मे और उसकी पर्सनालिटी बहुत इंप्रेसिव लग रही थी। दूसरा जन्म, पहला बदला में किरदारों का चयन बहुत सही है। जब वो दरवाजे को धक्का देता है तो लगता है कि वो किसी राज को खोलने वाला है। अंदर बैठे हुए व्यक्ति का दुख भरा चेहरा देखकर बुरा लगा। उसने खाने का टुकड़ा उठाया लेकिन खा नहीं पाई। ये छोटी चीजें बड़ा असर छोड़ती हैं। मुझे नेटशॉर्ट ऐप पर ये ड्रामा देखकर बहुत खुशी हुई। कहानी में गहराई है और वो दर्शकों को बांधे रखती है।

रोशनी और संघर्ष

इस सीन में जो टेंशन है वो बहुत अच्छे से दिखाई गई है। होटल के कॉरिडोर की रोशनी और वहां का माहौल बहुत सुंदर था। दूसरा जन्म, पहला बदला की सिनेमेटोग्राफी बहुत प्यारी है। उस शख्स ने जब दरवाजे से अंदर झांका तो उसकी आंखों में सवाल थे। अंदर बैठे हुए व्यक्ति के पास सिर्फ सादा खाना था। ये दिखाता है कि वो किसी संघर्ष से गुजर रही है। जब वो शख्स अंदर आया तो कहानी में नया मोड़ आ गया। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे कंटेंट मिलना बहुत अच्छा लगता है। मैं इस कहानी का अगला हिस्सा देखने के लिए उत्सुक हूं।

क्लाइमेक्स की धमाकेदार एंट्री

अंत में जब वो शख्स कमरे में दाखिल हुआ तो सबकी सांसें रुक गईं। उसकी आवाज और उसका अंदाज बहुत दमदार था। दूसरा जन्म, पहला बदला का ये क्लाइमेक्स बहुत शानदार है। उसके हाथ में बाउजी का टुकड़ा वैसे ही रह गया। उसका चेहरा बता रहा था कि वो क्या सोच रही है। ये ड्रामा हमें रिश्तों की अहमियत समझाता है। मुझे नेटशॉर्ट ऐप पर ये सीरीज देखकर बहुत अच्छा लगा। हर एपिसोड में कुछ नया होता है। मैं सभी को ये ड्रामा देखने की सलाह दूंगा। ये दिल को छू लेने वाली कहानी है।