इस दृश्य में विज्ञान और पुरानी परंपराओं का टकराव बहुत ही रोमांचक है। लैब का माहौल इतना डरावना है कि रोंगटे खड़े हो जाते हैं। निकम्मा का राइज: थ्रोन पलट में ऐसे सीन देखकर लगता है कि कहानी अब बहुत गहरी होने वाली है। सिरिंज वाला सीन तो दिल की धड़कनें तेज कर देता है।
नीली पोशाक वाले किरदार की आंखों में जो डर और संदेह है, वह शब्दों से ज्यादा बयां कर रहा है। वह सब कुछ समझ रहा है लेकिन चुप है। निकम्मा का राइज: थ्रोन पलट के इस मोड़ पर लगता है कि वह किसी बड़ी साजिश का हिस्सा बनने वाला है। उसका चेहरा पढ़ना ही एक अलग अनुभव है।
जिस किरदार ने सिरिंज तैयार की है, उसकी हंसी और उत्साह देखकर लगता है कि वह पागल हो चुका है। उसे अपनी खोज पर इतना घमंड है कि वह इंसानियत भूल गया है। निकम्मा का राइज: थ्रोन पलट में यह विलेन बहुत यादगार साबित होने वाला है। उसकी हरकतें देखकर गुस्सा भी आता है और डर भी।
अंधेरी लैब, रसायनों की बोतलें और जैविक खतरा का निशान। यह मंच सजावट इतना असली लगता है कि आप भी उस कमरे में महसूस करने लगते हैं। निकम्मा का राइज: थ्रोन पलट की निर्माण गुणवत्ता देखकर हैरानी होती है। हर छोटी चीज पर इतना ध्यान देना आसान नहीं होता।
जब नीले कपड़ों वाला शख्स सिरिंज छीनता है, तो स्क्रीन पर तनाव चरम पर होता है। दोनों किरदारों के बीच की रसायन विज्ञान जबरदस्त है। निकम्मा का राइज: थ्रोन पलट में यह मोड़ कहानी को पूरी तरह बदल देगा। अब आगे क्या होगा, यह जानने की बेचैनी बढ़ गई है।