इस दृश्य में एक्शन की जो रफ़्तार है वो सच में दिल दहला देने वाली है। नीली पोशाक वाला योद्धा अपने विरोधी को बुरी तरह पीट रहा है, और दर्शकों के चेहरे पर डर साफ़ झलक रहा है। निकम्मा का राइज: थ्रोन पलट में ऐसे फाइट सीन्स देखकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। जब वह लड़का ज़मीन पर गिरता है और खून उगलता है, तो बुजुर्ग की आँखों में बेबसी साफ़ दिख रही थी। यह सिर्फ़ एक लड़ाई नहीं, बल्कि एक साम्राज्य के पतन की शुरुआत लग रही थी।
जब वह बूढ़ा आदमी अपने घायल बेटे को गोद में लेकर रो रहा था, तो मेरा दिल भी पसीज गया। उसकी आँखों में गुस्सा और लाचारी दोनों थे। निकम्मा का राइज: थ्रोन पलट के इस मोड़ पर कहानी बहुत इमोशनल हो जाती है। सामने खड़ा विजेता इतना बेरहम कैसे हो सकता है? वह मुस्कुरा रहा था जबकि सामने मौत तैर रही थी। यह दृश्य दिखाता है कि सत्ता के लिए लोग कितनी हद तक जा सकते हैं।
उस लड़के ने अपनी कलाई से जो हथियार निकाले, वो सच में अनोखे थे। उसने एक पल में ही स्थिति बदल दी। निकम्मा का राइज: थ्रोन पलट में ऐसे हथियारों का इस्तेमाल कहानी को नया मोड़ देता है। जब उसने वो धातु के टुकड़े फेंके, तो हवा में सनसनी थी। दर्शक हैरान थे कि आखिर यह कौन है जो बीच में कूद पड़ा। उसकी आँखों में एक अलग ही चमक थी, जैसे वह किसी पुराने बदले को पूरा करने आया हो।
जब वह लड़का मंच पर खड़ा हुआ और सबको चुनौती दी, तो पूरा माहौल सन्न रह गया। निकम्मा का राइज: थ्रोन पलट में ऐसे किरदार ही कहानी की जान होते हैं। उसकी मुस्कान में एक अजीब सा घमंड था, जैसे उसे अपनी जीत पर यकीन हो। लेकिन जब वह ज़मीन पर गिरा और तड़पा, तो सबको एहसास हुआ कि अहंकार का अंत हमेशा बुरा होता है। उस बुजुर्ग की चीखें आज भी कानों में गूंज रही हैं।
उस औरत के चेहरे पर जो डर था, वो शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। निकम्मा का राइज: थ्रोन पलट में महिला किरदारों की भावनाएं भी बहुत गहराई से दिखाई गई हैं। जब वह पीछे खड़ी होकर सब देख रही थी, तो लग रहा था कि वह कुछ बोलना चाहती है पर डर रही है। वहीं, उस युवक का गुस्सा आग की तरह भड़क रहा था। यह टकराव सिर्फ़ शारीरिक नहीं, बल्कि भावनात्मक भी था।