PreviousLater
Close

Nikamma ka Rise: Throne Palat

Aryan Rana, ek khandaan ke najaayaz beta, hamesha nikamma samjha gaya. Par usmein extraordinary talent tha, jo usne teen hidden masters se seekha. Praise ki kami mein woh low profile mein raha. Ek din sect evaluation mein uski godlike power reveal hui. Isne powerful enemies ko attract kiya, jinhone uski birth secret expose kardi aur uske loved ones ko threat mein daal diya. Aryan is crisis ko kaise overcome karega?
  • Instagram
इस एपिसोड की समीक्षा

बांस के जंगल में खूनी संघर्ष

निकम्मा का उदय: सिंहासन पलट का यह दृश्य रोंगटे खड़े कर देता है। नीले कपड़ों वाला पात्र शुरू में मुस्कुराता है, लेकिन फिर अचानक उसकी आँखों से खून बहने लगता है। यह दर्द और पागलपन का मिश्रण इतना तीव्र है कि दर्शक भी सिहर उठता है। बांस के जंगल का माहौल इस डरावने मोड़ को और भी गहरा बनाता है।

सफेद पोशाक वाले की रहस्यमयी शक्ति

सफेद और काले मिश्रित वस्त्र पहने युवक की चुप्पी सबसे ज्यादा डरावनी है। निकम्मा का उदय: सिंहासन पलट में जब वह बिना हिले खड़ा रहता है और सामने वाला तड़पता है, तो लगता है जैसे वह किसी अलौकिक शक्ति का प्रयोग कर रहा हो। उसके माथे का लाल निशान शायद उसकी ताकत का स्रोत है, जो दुश्मनों को नष्ट कर रहा है।

बूढ़े गुरु की चिंतित आँखें

लंबी सफेद दाढ़ी वाले बुजुर्ग का चेहरा देखकर लगता है कि वे इस सबके पीछे के राज को जानते हैं। निकम्मा का उदय: सिंहासन पलट के इस हिस्से में वे जिस तरह से काले कपड़ों वाले व्यक्ति को रोकने की कोशिश कर रहे हैं, उससे साफ है कि युद्ध नियंत्रण से बाहर जा रहा है। उनकी आँखों में भय और पछतावा दोनों साफ झलक रहे हैं।

नीले वस्त्रों वाले का दर्दनाक अंत

शुरुआत में जो पात्र इतना घमंडी और खुश दिख रहा था, उसका यह हाल देखकर दिल दहल जाता है। निकम्मा का उदय: सिंहासन पलट में उसका चीखना और आँखों से खून बहना किसी श्राप जैसा लगता है। शायद उसने कोई गलती कर दी थी जिसकी कीमत उसे अपनी आँखों की रोशनी और मानसिक शांति गंवाकर चुकानी पड़ रही है।

महिला पात्र की गहरी चुप्पी

इस पूरे हंगामे के बीच वह महिला पात्र जो सफेद और नीले कपड़ों में है, बिल्कुल शांत खड़ी है। निकम्मा का उदय: सिंहासन पलट में उसकी आँखों में आंसू हैं लेकिन वह कुछ बोल नहीं रही। शायद वह इस हिंसक खेल की गवाह बनकर मजबूर है, या फिर वह जानती है कि अब कुछ नहीं किया जा सकता। उसका मौन सबसे ज्यादा शोर मचा रहा है।

और भी शानदार समीक्षाएँ (5)
arrow down