बांस के जंगल में सफेद और नीले पोशाक वाले योद्धाओं का मुकाबला देखकर रोंगटे खड़े हो गए। निकम्मा का राइज - थ्रोन पलट में एक्शन सीन इतने तेज हैं कि सांस लेने का मौका नहीं मिलता। सफेद पोशाक वाले की चोट देखकर दिल दहल गया, पर वह हारा नहीं। यह जंग सिर्फ ताकत का नहीं, जिद्द का भी है।
सफेद पोशाक वाला योद्धा कितनी बार गिरता है, उतनी ही बार उठ खड़ा होता है। निकम्मा का राइज - थ्रोन पलट में उसकी आंखों में जो आग है, वह किसी डायलॉग से ज्यादा बोलती है। नीले पोशाक वाले की मुस्कान में छिपा खतरा और सफेद वाले का दर्द, दोनों का संघर्ष देखते बनता है।
नीले पोशाक वाले के चेहरे पर हमेशा एक अजीब सी मुस्कान रहती है, चाहे वह हमला कर रहा हो या रुका हो। निकम्मा का राइज - थ्रोन पलट में उसका किरदार सबसे ज्यादा रहस्यमयी लगता है। क्या वह वाकई जीतना चाहता है या बस खेल रहा है? उसकी आंखें सब कुछ बताती हैं।
बांस के जंगल में लड़ाई के दृश्यों को कैमरे ने जिस तरह कैद किया है, वह कमाल का है। निकम्मा का राइज - थ्रोन पलट में ऊपर से नीचे और नीचे से ऊपर के शॉट्स ने मुकाबले को और भी ड्रामेटिक बना दिया है। हर फ्रेम एक पेंटिंग जैसा लगता है, जो एक्शन और खूबसूरती का मिलन है।
जब दो बूढ़े आदमी डर के मारे छिपते हुए दिखाई दिए, तो लगा कि यह लड़ाई सिर्फ दो योद्धाओं की नहीं, बल्कि पूरे जंगल की किस्मत तय कर रही है। निकम्मा का राइज - थ्रोन पलट में ये छोटी बारीकियां कहानी को गहराई देते हैं। उनका डर दर्शकों को भी अपने साथ खींच लेता है।