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गाँव का गौरववां45एपिसोड

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गाँव का गौरव

90 के दशक में, गाँव का लड़का बचपन से होशियार था, लेकिन खुद को मूर्ख बनाकर रखता था। उसने पढ़ाई का मौका अपने बड़े भाई और बड़ी बहन को दे दिया और खुद घर पर माँ-बाप के सूअर पालने के काम में हाथ बँटाने लगा। उसे जानवर पालने की बहुत अच्छी समझ थी, इसलिए गाँव के लोग उसकी तारीफ करते थे। फिर लड़के ने शहर जाकर अपने बड़े भाई और बहन से मिलने का फैसला किया। उन दोनों ने शहर में अपनी जगह बना ली थी, पर उन्होंने लड़के को नीचा दिखाते हुए कहा कि वह ठीक से काम नहीं करता, बूढ़े माँ-बाप की देखभाल नहीं करता...
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इस एपिसोड की समीक्षा

तनावपूर्ण माहौल

इस नाटक का माहौल बहुत ही गंभीर है। दो लोगों के बीच की तनावपूर्ण बहस देखकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। वह काली किताब किसी राज को छिपाए हुए है। गाँव का गौरव में ऐसे मोड़ बहुत आते हैं। अभिनय बहुत ही शानदार है और हर संवाद दिल को छू लेता है। मुझे यह कहानी बहुत पसंद आ रही है।

महिला का दर्द

लाल कपड़ों वाली महिला की चिंता साफ़ दिख रही है। उसकी आँखों में डर और गुस्सा दोनों हैं। जब वह चिल्लाती है तो लगता है सब टूट गया। गाँव का गौरव की कहानी में यह पल बहुत अहम है। उसका दर्द हमें भी महसूस होता है। बहुत ही भावुक दृश्य है जो आँखों में आँसू ला देता है।

घड़ी का राज

घड़ी वाला मोड़ बिल्कुल अप्रत्याशित था। सबको लगा वह असली है पर फिर वह टूट गई। बुजुर्ग व्यक्ति का चेहरा देखने लायक था। गाँव का गौरव में ऐसे कहानी के मोड़ बहुत अच्छे लगते हैं। यह दिखाता है कि सब कुछ वैसा नहीं जैसा दिखता है। मुझे यह आश्चर्य बहुत पसंद आया।

अंतिम संस्कार

अंतिम संस्कार की व्यवस्था बहुत ही भारी लग रही है। दादी की तस्वीर सबको देख रही है। यह परंपरा और आधुनिकता का मिश्रण है। गाँव का गौरव में परिवार के रिश्तों को बहुत गहराई से दिखाया गया है। हर कोने में एक कहानी छिपी हुई है। यह दृश्य बहुत ही यादगार बन गया है।

काली डायरी

उस काली डायरी में आखिर क्या लिखा है? यह सबकी नींदें हराम कर रही है। पढ़ने वाला व्यक्ति बहुत आत्मविश्वासी लग रहा है। गाँव का गौरव में रहस्य बना हुआ है। हमें जानने की उत्सुकता बढ़ती जा रही है। यह रहस्य हमें अगले भाग तक बांधे रखता है। बहुत ही रोमांचक कहानी है।

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