इस धारावाहिक गाँव का गौरव में बुजुर्ग की मुस्कान और आँसू देखकर दिल दहल गया। अंत्येष्टि के माहौल में भी कैसे कुछ लोग पैसों की दिखावा करते हैं। सफेद कमीज वाले शख्स की घमंडी हरकतें देखकर गुस्सा आया। जब तौलिया वाले शख्स ने चुपचाप पैसे उठाए, तो लगा अब बदला लेने का समय आ गया है। हर दृश्य में तनाव बना हुआ है।
गाँव का गौरव कहानी में जिस तरह से नीलामी की गई इज्जत को फिर से खरीदा गया, वो काबिले तारीफ है। लाल कपड़े वाली की हैरानी साफ झलक रही थी। नीले कोट वाले बुजुर्ग का गुस्सा आग की तरह था। पैसों को जमीन पर गिराना और फिर उन्हें समेटना, ये सब बहुत गहरा संदेश देता है। ऐसे किरदार हमें सोचने पर मजबूर कर देते हैं।
इस शो गाँव का गौरव में दिखाया गया है कि कैसे पैसा इंसान को अंधा कर देता है। सफेद कमीज वाले शख्स को जब थप्पड़ मारा गया, तो स्क्रीन के बाहर भी आवाज सुनाई दी। तौलिया वाले शख्स की खामोशी सबसे ज्यादा शोर मचा रही थी। अंत्येष्टि के मंडप में ऐसा व्यवहार बिल्कुल नहीं शोभा देता। कहानी बहुत ही दिलचस्प मोड़ ले रही है।
बुजुर्ग की आँखों में आँसू और चेहरे पर मुस्कान का विरोधाभास देखकर हैरानी हुई। गाँव का गौरव में ऐसे ही पल सबसे ज्यादा प्रभावशाली होते हैं। जब सफेद कमीज वाले शख्स ने नोट हवा में उड़ाए, तो लगा इंसानियत मर गई है। लेकिन अंत में जो हुआ, वो न्याय था। हर पात्र ने अपनी भूमिका बहुत अच्छे से निभाई है।
इस धारावाहिक गाँव का गौरव में पैसों की ताकत और बेबसी को बहुत बखूबी दिखाया गया है। लाल कपड़े वाली का चेहरा देखकर लगा वो कुछ बोलना चाहती है पर डर रही है। नीले कोट वाले बुजुर्ग की आँखों में आक्रोश साफ दिख रहा था। ऐसे दृश्य दर्शकों को बांधे रखते हैं। कहानी में उतार चढ़ाव बहुत अच्छे हैं।