अस्पताल के कोरिडोर में चलती वह लड़की और बेहोश पड़ा प्रेमी, दिल को चीर देने वाला नज़ारा है। जब उसने अंगूठी उतारकर आग में फेंक दी, तो लगा जैसे उसने अपने प्यार को ही जला दिया हो। ज़िद्द का अंजाम अक्सर यही होता है कि इंसान अपनी ही खुशियों को राख बना देता है। उसकी आँखों का दर्द और फिर वह आग, सब कुछ बहुत गहरा और इमोशनल था। नेटशॉर्ट पर ऐसे ड्रामे देखकर रूह कांप जाती है।