बर्फ़ गिर रही है, पर दिल में आग जल रही है। एक तरफ़ शानदार कुर्सी पर बैठे अहंकारी पुरुष, दूसरी तरफ़ बर्फ़ में घुटनों के बल गिरी हुई मासूम लड़की। उसकी आँखों में डर है, उसके हाथों में कांप, और उसके सामने वो शख्स जो उसे तोड़ने के लिए तैयार है। जब उसने फोन दिखाया, तो लगा जैसे दुनिया थम गई। ये सिर्फ़ बदला नहीं, ये तो ज़िद्द का अंजाम है। हर बर्फ़ का टुकड़ा उसकी चीख़ बनकर गिर रहा है।