इस दृश्य में भावनाओं का तूफान है। आरव सिंघानिया की आँखों में छिपा दर्द और धर्मवीर सिंघानिया का गुस्सा देखकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। ज़िद्द का अंजाम सिर्फ एक ड्रामा नहीं, बल्कि रिश्तों की जंग है। हर झटका दिल को छूता है, खासकर जब वो लड़की जमीन पर गिरती है और आरव चुपचाप फोन पर बात करता है। ये खामोशी सबसे ज्यादा शोर मचाती है। नेटशॉर्ट पर ऐसे सीन देखना एक अलग ही अनुभव है।