ऑफिस का माहौल इतना तनावपूर्ण कि सांस लेना भी मुश्किल हो जाए! सफेद सूट वाला शख्स डेस्क पर बैठकर जो घूर रहा है, उसकी आंखों में गुस्सा और बेचैनी दोनों साफ दिख रहे हैं। नीले सूट वाला नौकर जैसे डर के मारे कांप रहा हो। फिर एंट्री होती है बुजुर्ग की, जो क्लिपबोर्ड फेंककर सीधा इशारा करता है - ये ज़िद्द का अंजाम बिल्कुल वैसा ही है जैसा ड्रामे में होता है! हर फ्रेम में पावर गेम साफ झलकता है। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे सीन्स देखकर लगता है जैसे खुद उस कमरे में खड़े हों। एक्टिंग इतनी रियल कि रोंगटे खड़े हो जाएं।