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ज़िद्द का अंजाम

आरव सिंघानिया एक गरीब लड़की नैना वर्मा को घर लाता है और दस साल तक उससे बेहद प्यार करता है, लेकिन उसके अस्थिर स्वभाव के कारण वह सान्या कपूर के साथ धोखा करता है। नैना के गर्भपात पर भी वह उसे छोड़ देता है। पूरी तरह टूट चुकी नैना अपने बीमार भाई के साथ चली जाती है। जब आरव को अपनी गलती का एहसास होता है और वह उसे वापस पाना चाहता है, तब तक बहुत देर हो चुकी होती है।
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इस एपिसोड की समीक्षा

माथे का घाव और दिल का दर्द

ज़िद्द का अंजाम में यह दृश्य दिल दहला देने वाला है। जब वह नींद से जागती है और उसे एहसास होता है कि वह अजनबी कमरे में है, तो उसकी आंखों में डर साफ दिखता है। वह लड़का जो सूट पहने है, उसके चेहरे पर एक अजीब सी मुस्कान है जो खतरनाक लगती है। फिर वह सीन जहां वह बुजुर्ग आदमी उसे डांट रहा है और वह डरी हुई खड़ी है, उससे रोंगटे खड़े हो जाते हैं। पार्टी वाले सीन में उसकी हरी ड्रेस और महंगे गहने उसकी मजबूरी को छिपा नहीं पा रहे। हर फ्रेम में तनाव है और कहानी आगे क्या मोड़ लेगी यह जानने की उत्सुकता बढ़ती जा रही है।