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(डबिंग) साँप की शुरुआतवां17एपिसोड

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(डबिंग) साँप की शुरुआत

राहुल कपूर अचानक एक ऐसे संसार में पहुँच जाता है जहाँ लोग पशु नियंत्रक हैं। वहाँ वह एक कमजोर और उपहास का पात्र “सर्प” बन जाता है, जिसे रिया मल्होत्रा भी नापसंद करती है। मौत के करीब पहुँचने पर वह अवशोषण विकास प्रणाली सक्रिय करता है और छाया भेड़िया जैसे जीवों को निगलते हुए लगातार विकसित होता है। धीरे-धीरे वह साधारण सर्प से शक्तिशाली नाग बनकर अंततः विश्व को भयभीत करने वाला महान ड्रैगन बन जाता है। वैश्विक पशु प्रलय और खतरनाक शत्रुओं के बीच, वह मानवता के साथ मिलकर लड़ता है और सर्वोच्च शक्ति।
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इस एपिसोड की समीक्षा

सांप का असली चेहरा

जब पहली बार वो विशाल सांप दिखा तो लगा अब लड़की गई काम से, लेकिन कहानी में मोड़ ने सबकी सोच बदल दी। अनया शर्मा की हिम्मत देखते बनती है जो खतरे के बीच भी घबराई नहीं। (डबिंग) साँप की शुरुआत में ऐसे मोड़ बारबार दिल की धड़कनें बढ़ा देते हैं। अंकल का भरोसा भी काबिले तारीफ है जो बिना सबूत के बात मान गए।

आसमान फट रहा है

वो दृश्य जब आसमान में काला छेद खुला और आग उगलते राक्षस बाहर आए, रोंगटे खड़े कर देने वाला था। अनया ने दूरभाष संदेश पर जो चीखकर चेतावनी दी उसमें असली डर था। (डबिंग) साँप की शुरुआत की विशेष प्रभाव गुणवत्ता किसी बड़े खर्च फिल्म से कम नहीं लगती। पश्चिमपुर शहर के खतरे ने कहानी को और गहरा कर दिया है।

अंकल का भरोसा

नियंत्रण कक्ष वाले अंकल का किरदार बहुत जिम्मेदार लग रहा है। संकेत न मिलने पर भी वो घबराए नहीं और जब अनया की आवाज आई तो राहत की सांस ली। (डबिंग) साँप की शुरुआत में रिश्तों की यह गर्माहट मारधाड़ के बीच सुकून देती है। उन्होंने तुरंत दल भेजने का वादा किया जो दिखाता है कि वो अपनी जान से ज्यादा फर्ज निभाते हैं।

राक्षसों की दस्तक

हड्डियों वाले हाथ और आग से जलता चेहरा, ये राक्षस रूप काफी डरावने हैं। अनया की आंखों में जो खौफ था वो साफ दिख रहा था जब उसने कहा शहर खत्म हो जाएगा। (डबिंग) साँप की शुरुआत में खलनायक सिर्फ इंसान नहीं बल्कि कुदरत का कहर भी बन सकता है। अब देखना है सेना कैसे इनका सामना करती है।

सांप की वफादारी

सबको लगा सांप दुश्मन है पर असल में वो रक्षक निकला। उसकी सुनहरी सींग और चमकदार आंखें बताती हैं कि वो साधारण जीव नहीं है। (डबिंग) साँप की शुरुआत में जानवरों को इस तरह दिखाना नया लग रहा है। अनया ने सही कहा कि वो उसे बचाने आया था, मारने नहीं। यह दोस्ती आगे चलकर कहानी की जान बन सकती है।

सिग्नल की समस्या

चुंबकीय व्यवधान की वजह से संपर्क टूट जाना एक पुरानी लेकिन असरदार तकनीक है घबराहट बढ़ाने के लिए। सेनापति के चेहरे पर चिंता साफ झलक रही थी। (डबिंग) साँप की शुरुआत में तकनीक और जादू का मिश्रण अच्छा लगा। जब पर्दे पर अनया का चेहरा आया तो अधिकारी की खुशी देखने लायक थी।

अनया की बहादुरी

इतने बड़े खतरे के सामने खड़ी होकर भी अनया ने भागने के बजाय सबको चेतावनी दी। उसकी नीली आंखों में डर था पर हिम्मत नहीं टूटी। (डबिंग) साँप की शुरुआत की नायिका काबिले तारीफ है जो सिर्फ चिल्लाती नहीं बल्कि हल ढूंढती है। उसने सांप को भी समझा और अंकल को भी सच्चाई बताई।

पश्चिमपुर का खतरा

पूरा शहर खत्म होने की धमनी ने खतरे को बहुत ऊपर पहुंचा दिया है। अब सिर्फ एक लड़की की बात पर सब कुछ टिका है। (डबिंग) साँप की शुरुआत में यह प्रलय वाला माहौल बहुत गहराई से बनाया गया है। बादलों के बीच से निकलते हुए राक्षस का दृश्य बारबार देखने को मजबूर कर देता है।

कमांडर का फैसला

अंकल ने बिना ज्यादा सवाल किए अनया पर भरोसा किया, यह दिखाता है कि उनका रिश्ता कितना गहरा है। रहस्य बना हुआ है कि क्या दल समय पर पहुंच पाएगी। (डबिंग) साँप की शुरुआत में जज्बाती पहलू भी मारधाड़ के बराबर ही मजबूत है। नियंत्रण कक्ष की मंच सजावट भी काफी प्रभावशाली लग रही है।

आखिरी चेतावनी

जल्दी उन्हें रोको वरना सब खत्म हो जाएगा, यह संवाद रोंगटे खड़े कर देता है। समय के खिलाफ यह दौड़ अब असली खेल शुरू करती है। (डबिंग) साँप की शुरुआत का अंत काफी धमाकेदार होने वाला है। सांप और लड़की का यह जोड़ी आगे चलकर दुनिया बचा सकती है।