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(डबिंग) साँप की शुरुआतवां74एपिसोड

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(डबिंग) साँप की शुरुआत

राहुल कपूर अचानक एक ऐसे संसार में पहुँच जाता है जहाँ लोग पशु नियंत्रक हैं। वहाँ वह एक कमजोर और उपहास का पात्र “सर्प” बन जाता है, जिसे रिया मल्होत्रा भी नापसंद करती है। मौत के करीब पहुँचने पर वह अवशोषण विकास प्रणाली सक्रिय करता है और छाया भेड़िया जैसे जीवों को निगलते हुए लगातार विकसित होता है। धीरे-धीरे वह साधारण सर्प से शक्तिशाली नाग बनकर अंततः विश्व को भयभीत करने वाला महान ड्रैगन बन जाता है। वैश्विक पशु प्रलय और खतरनाक शत्रुओं के बीच, वह मानवता के साथ मिलकर लड़ता है और सर्वोच्च शक्ति।
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इस एपिसोड की समीक्षा

ड्रैगन की दहाड़

जब वो सुनहरा विशाल नाग पोर्टल से बाहर आया तो रोंगटे खड़े हो गए। जनरल अर्जुन राठौड़ की शांति और नाग की ताकत ने दुश्मनों की नींद उड़ा दी। जहाजों का जलना और रेत पर खड़ा वो विशालकाय जीव देखकर लगा कि जीत पक्की है। (डबिंग) साँप की शुरुआत में ऐसे दृश्य कम ही देखने को मिलते हैं। एनिमेशन स्टाइल भी बहुत जीवंत था, खासकर जब आग की लपटें निकलीं और सब जलने लगा।

अहंकार का अंत

उस विलेन जनरल का अहंकार देखकर गुस्सा आ रहा था। समुद्र तट पर खड़े होकर वो हुक्म चला रहा था, पर उसे क्या पता था कि सामने कौन है। जब जवाब मिला तो सब हैरान रह गए। (डबिंग) साँप की शुरुआत की कहानी में यह मोड़ बहुत दमदार था। सैनिकों की घबराहट और अर्जुन का ठंडा मिजाज बिल्कुल क्लिक करता है। घमंड का अंत हमेशा बुरा होता है यही सिखाती है यह कहानी।

पोर्टल का नज़ारा

शुरुआत में जब आसमान में दरारें पड़ीं और वो चमकदार पोर्टल खुला, तो नज़ारा अद्भुत था। दो योद्धाओं का निकलना और फिर पीछे से नाग का आना। समुद्र की नीली लहरों के बीच यह जादू किसी सपने जैसा लगा। (डबिंग) साँप की शुरुआत में विजुअल इफेक्ट्स पर खासा ध्यान दिया गया है। हर फ्रेम में एक नई ऊर्जा है जो दर्शकों को बांधे रखती है। रंगों का खेल भी कमाल का था।

जहाजों का विनाश

इतने सारे युद्धपोत एक पल में राख हो गए। नाग की आग ने सब कुछ जला दिया। विलेन की सेना की घबराहट साफ दिख रही थी। जनरल अर्जुन राठौड़ ने बिना हथियार उठाए सबक सिखा दिया। (डबिंग) साँप की शुरुआत का यह एपिसोड एक्शन से भरपूर है। तबाही का वो मंजर आंखों से ओझल नहीं हो रहा है। शक्ति का असली प्रदर्शन यहीं देखा गया।

संवाद की ताकत

संवादों की डिलीवरी बहुत शानदार थी। जब अर्जुन ने कहा कि जवाब चाहिए तो ठीक है, मैं देता हूं, तो रोंगटे खड़े हो गए। बिना चिल्लाए बात कहने का अंदाज ही अलग था। (डबिंग) साँप की शुरुआत में डायलॉग्स में वजन है। विलेन की धमकियों के सामने हीरो का जवाब सबसे बेस्ट पार्ट था। आवाज में जो ठहराव था वो काबिले तारीफ है।

बीच का युद्ध

समुद्र तट पर यह लड़ाई बहुत अनोखी थी। एक तरफ आधुनिक हथियार और दूसरी तरफ प्राचीन नाग की शक्ति। रेत उड़ना और लहरों का थमना सब कुछ सिनेमैटिक था। (डबिंग) साँप की शुरुआत ने लोकेशन का पूरा उपयोग किया है। पीछे खड़े जंगल और नीला आसमान बैकग्राउंड में बहुत सूट कर रहा था। प्राकृतिक सुंदरता और युद्ध का विरोधाभास अच्छा लगा।

बदले की आग

कहानी में बदले की आग साफ दिख रही थी। भाई की जान का हिसाब मांगना और खजाने की बात करना। विलेन की नीयत साफ थी पर अंत बुरा हुआ। (डबिंग) साँप की शुरुआत में इमोशनल एंगल भी स्ट्रॉन्ग है। जब नाग ने हमला किया तो लगा कि न्याय हो गया। हर किसी को उसका फल मिलता है यही नियम है। बदला ठंडा नहीं आग जैसा था।

हीरो की एंट्री

पोर्टल से हीरो की एंट्री बहुत स्टाइलिश थी। काले कपड़े और आत्मविश्वास से भरी चाल। पीछे खड़ा नाग उनकी ताकत का प्रतीक था। जनरल अर्जुन राठौड़ का यूनिफॉर्म भी बहुत जच रहा था। (डबिंग) साँप की शुरुआत में किरदारों की डिजाइनिंग पर मेहनत दिखती है। वो चलते हुए जब पीछे मुड़कर नहीं देखते तो मजा आ जाता है। कॉन्फिडेंस लेवल हाई था।

विलेन की घबराहट

जो जनरल शुरू में इतना घमंडी था, अंत में वो पसीने से तरबतर हो गया। उसके सैनिक भी भागने लगे। यह बदलाव देखने में बहुत सुकून मिला। (डबिंग) साँप की शुरुआत में विलेन का डर अच्छे से दिखाया गया है। जब आसमान से किरणें गिरने लगीं तो सबकी हालत खराब हो गई थी। अहंकार का टूटना देखने लायक था।

जादुई दुनिया

यह दुनिया जादू और तकनीक का मिश्रण है। एक तरफ स्पेसशिप जैसा विमान और दूसरी तरफ नाग। यह कॉम्बिनेशन बहुत नया लगा। (डबिंग) साँप की शुरुआत की वर्ल्ड बिल्डिंग इंटरेस्टिंग है। समुद्र किनारे यह सब देखकर लगा कि यह एडवेंचर अभी बहुत आगे जाएगा। मुझे अगला एपिसोड देखने की जल्दी है। कहानी में दम है।