राहुल कपूर की रणनीति सच में कमाल की थी। जब साँप ने बिजली से वार किया, तो रोंगटे खड़े हो गए। (डबिंग) साँप की शुरुआत में एक्शन सीन्स बहुत ही शानदार हैं। विशाल मेंढक का डिज़ाइन डरावना था लेकिन जीतने का तरीका स्मार्ट था। नेटशॉर्ट पर देखने का अनुभव बहुत रोमांचक रहा। हर पल में तनाव बना हुआ था। सैनिकों का समर्थन भी महत्वपूर्ण था।
नागदेश और राहुल कपूर के बीच का बंधन इस लड़ाई में साफ़ दिखता है। जब सैनिकों ने लेजर बंदूकें चलाईं, तो मज़ा आ गया। (डबिंग) साँप की शुरुआत की कहानी में गहराई है। आखिरी में जनरल को कॉल करना बहुत संतोषजनक लगा। जीत की खुशी सबके चेहरे पर दिख रही थी। थकान के बाद भी सब खुश थे। जंगल का माहौल शांत हो गया था।
विशाल मेंढक के हमले बहुत खतरनाक थे, लेकिन साँप की फुर्ती देखने लायक थी। राहुल कपूर ने मौका बनाया और सबने मिलकर वार किया। (डबिंग) साँप की शुरुआत में विजुअल इफेक्ट्स बहुत अच्छे हैं। हरे रंग का जहर और बिजली का टकराव दृश्य पर जच रहा था। ध्वनि प्रभाव भी बहुत तेज थे। दर्शक को बांधे रखने के लिए काफी है।
लड़ाई की रफ़्तार कभी धीमी नहीं हुई। शुरू से अंत तक रोमांच बना रहा। राहुल कपूर के चेहरे पर चोटें थीं फिर भी वह नहीं रुके। (डबिंग) साँप की शुरुआत में किरदारों की मजबूती दिखती है। सैनिकों का एक साथ कूदना जीत का जश्न था। उनकी आँखों में राहत थी। यह दृश्य दिल को छू गया। बहुत ही शानदार प्रस्तुति थी।
नागदेश सिर्फ एक जानवर नहीं, बल्कि एक योद्धा लगता है। जब वह मेंढक के मुँह से निकला, तो हैरानी हुई। (डबिंग) साँप की शुरुआत में ऐसे ट्विस्ट अच्छे लगते हैं। राहुल कपूर का आदेश पालन और सैनिकों का हुनूर देखने लायक था। एनिमेशन की क्वालिटी भी बढ़िया है। रंगों का उपयोग बहुत सही था। कहानी आगे बढ़ती दिख रही है।
आग वाले हिरण जैसे प्राणी का साथ मिलना अनपेक्षित था। राहुल कपूर ने सबको एकजुट किया। (डबिंग) साँप की शुरुआत में फंतासी और साइंस फिक्शन का मिश्रण अच्छा है। लेजर बीम का रंगीन होना और मेंढक पर वार करना दृश्य में बहुत सुंदर लग रहा था। रात का समय और चाँदनी भी जची। माहौल में जादू था। सब कुछ सही लगा।
सैनिकों की वर्दी और उनके हथियार बहुत आधुनिक लग रहे थे। राहुल कपूर के नेतृत्व में सबने हिम्मत दिखाई। (डबिंग) साँप की शुरुआत में टीम वर्क को अच्छे से दिखाया गया है। जब सबने एक साथ गोली चलाई, तो मेंढक का गिरना तय था। जंग का माहौल बहुत असली लगा। धूल और मिट्टी उड़ रही थी। असली युद्ध जैसा अनुभव हुआ।
डायलॉग डिलीवरी बहुत दमदार थी। विनाश चिल्लाने का अंदाज राहुल कपूर पर सूट करता है। (डबिंग) साँप की शुरुआत की आवाज़ें भी एक्शन के साथ मेल खाती हैं। मेंढक की दहाड़ से खौफ पैदा होता था। रेडियो पर जीत की खबर सुनकर सुकून मिला। आवाज़ में ठहराव था। जनरल का जवाब भी अच्छा था। संपर्क बना रहा।
मुझे लगा साँप हार गया जब वह निगल लिया गया, लेकिन वह तो चाल थी। राहुल कपूर की समझदारी काम आई। (डबिंग) साँप की शुरुआत में दिमाग का खेल भी चलता है। मेंढक के खिलाफ सबने मिलकर वार किया। अंत में जश्न मनाना बहुत प्यारा लगा। सबकी मेहनत रंग लाई। यह पल यादगार बन गया। बहुत ही रोमांचक अंत था।
कुल मिलाकर यह कड़ी बहुत एंटरटेनिंग थी। राहुल कपूर और नागदेश की जोड़ी जचती है। (डबिंग) साँप की शुरुआत को नेटशॉर्ट पर देखना चाहिए। खून के निशान और टूटी हुई बख्तर ने लड़ाई को असली बनाया। जीत के बाद की खुशी देखकर अच्छा लगा। घाव भी दिख रहे थे। संघर्ष का अहसास हुआ। बहुत बढ़िया काम है।